
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 02 दिसम्बर।आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने लोकसभा में शीतकालीन सत्र के शून्यकाल में सोन नहर आधुनिकीकरण परियोजना के ठप पड़ने का मुद्दा उठाया।
सांसद ने कहा कि सोन नहर आधुनिकीकरण परियोजना के ठप पड़ने के कारण शाहाबाद क्षेत्र (रोहतास, आरा आदि) के किसानों के सामने उत्पन्न गंभीर सिंचाई संकट की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ।
स्वतंत्रता-पूर्व की आरा सोन नहर और इसके प्रमुख वितरण नेटवर्कों (कुल 68 किमी से अधिक) की लाइनिंग के लिए तैयार की गई इस महत्वपूर्ण परियोजना की डीपीआर 2019 में तैयार की गई थी, और एशियाई विकास बैंक से ऋण को भी मंज़ूरी मिल चुकी है। इसके बावजूद, नौकरशाही और प्रक्रियात्मक अड़चनों के कारण यह कार्य पाँच वर्षों से अधिक समय से रुका हुआ है।
इस निष्क्रियता के कारण हजारों किसान सिंचाई के लिए उच्च क्षमता वाले बोरवेल पर निर्भर होने को मजबूर हैं, जिससे भूजल स्तर खतरनाक रूप से गिर रहा है और भविष्य में एक बड़े जल संकट का खतरा उत्पन्न हो रहा है। जो खंडित कार्य शुरू हुआ भी, वह नहर के ‘टेल एंड’ उपयोगकर्ताओं तक लाभ पहुँचाने में विफल रहा, जिससे परियोजना का उद्देश्य ही समाप्त हो गया।
उन्होंने मांग किया कि सोन नहर प्रणाली के टेल एंड तक व्यापक लाइनिंग और आधुनिकीकरण कार्य में तेजी लाई जाए।पर्याप्त जल प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए कदवन जलाशय परियोजना जैसे संबंधित बुनियादी ढाँचे पर काम शुरू किया जाए।
