
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा) 11 जून। आज भीषण गर्मी में दोपहर के वक्त कई पक्षियो को समाजसेवी दीपक अकेला ने आजाद करवा दिया। घटना दोपहर दिन की है। दो बहेलिया जो पटना सिटी, त्रिपोलिया चौक से बड़े-बड़े तारवाला जालीनुमा पिंजड़े में कैद पक्षियों को जेल रोड में बेच रहे थे। जिसमें,तोता ,मैना, रॉबिनहुड ,ललमुनिया की बड़ी तादाद थी। पशू क्रूरता निवारण समिति के अध्यक्ष समाजसेवी दीपक कुमार अकेला की नजर उस बहेलिया पर पड़ी ,उन्होंने तुरंत उसे पकड़ा और उन्होंने ने पक्षियों को अपने हाथों से खुले आसमान में आजाद करवाया।समाजसेवी दीपक कुमार अकेला ने कहा कि पक्षी प्रकृति की सुंदर रचना और हमारे अभिन्न अंग है।इनसे हमारा पर्यावरण में संतुलन स्थापित होता है। इन्हें भी स्वच्छंद रूप से जीने का अधिकार है।
कितना सही कितना गलत??
इस संबंध में दीपक अकेला से जानकारी प्राप्त की गई तो पता चला कि उन्होंने उस बहेलिया को इस ऐवज कोई भुगतान नहीं किया। अनेकों घर में लोग इन्हीं बहेलियों से पक्षियों को लेकर पालते हैं, उन का भरण पोषण शौक से करते हैं।पशु क्रूरता अधिनियम पशु पक्षियों को काटकर,मारकर खाने वालों पर नहीं लगती है क्यों?समाज सेवा के नाम पर किसी के रोजगार को मारकर केवल रोड पर उड़ा देना कितना सही है?

