व्रहद रोजगार मेले में 2191 युवाओं को मिला रोजगार।

बागपत की कंपनियों को मिले कुशल लोग, युवाओं को अपने ही जनपद में आकर्षक वेतनमान पर रोजगार की सौगात।

मिशन रोजगार के तहत जिलाधिकारी की विशेष पहल से योग्य अभ्यर्थियों को मिला अपने जिले में अवसर।

रोजगार मेला बना बदलाव की कहानी: हर हाथ को काम, हर घर में खुशहाली का संकल्प साकार

बागपत में युवाओं, महिलाओं, दिव्यांगों को मिला सम्मानजनक रोजगार, बढ़ा आत्मविश्वास।

जिलाधिकारी अस्मिता लाल की पहल से बागपत में हुआ ‘रोजगार क्रांति’ का आगाज़।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)12 नवम्बर।बागपत जिले में रोजगार सृजन और सुशासन का एक शानदार उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बुधवार को सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज में आयोजित वृहद रोजगार मेला अभूतपूर्व सफलता के साथ संपन्न हुआ। मिशन रोजगार के तहत आयोजित इस मेले ने न केवल हजारों युवाओं, महिलाओं और दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर प्रदान किए, बल्कि बागपत को आत्मनिर्भरता और औद्योगिक प्रगति की नई दिशा भी दी।
इस मेले का शुभारंभ जनपद के प्रभारी मंत्री/ उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री जसवंत सिंह सैनी, छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार और जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि बागपत अब रोजगार सृजन में नए कीर्तिमान रच रहा है। अब हमारे युवाओं को अपने ही जिले में बेहतर अवसर मिल रहे हैं, जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सुशासन, पारदर्शिता और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नीति का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नौकरियां उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता, कौशल और अभिरुचि के अनुसार सम्मानजनक रोजगार देना है। मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट संदेश है — कोई भी युवा निराश न रहे, कोई भी हाथ खाली न रहे। यही संदेश आज बागपत में इस व्रहद रोजगार मेले के रूप में साकार होता दिख रहा है।
छपरौली विधायक डॉ. अजय कुमार ने कहा कि यह रोजगार मेला न केवल युवाओं के लिए अवसरों का द्वार खोल रहा है बल्कि यह जिले के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। जब स्थानीय स्तर पर ही युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार मिलेगा, तब वास्तविक अर्थों में आत्मनिर्भर बागपत और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।
मेले में 74 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया, जिनमें बागपत, गाजियाबाद, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर की प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयाँ शामिल थीं। इन कंपनियों में विनिर्माण, सेवा, आईटी, रिटेल, ऑटोमोबाइल, हेल्थकेयर, एफएमसीजी और सुरक्षा सेवाओं से जुड़ी अग्रणी संस्थाएँ सम्मिलित रहीं। रोजगार मेला युवाओं के उत्साह और ऊर्जा से सराबोर रहा। दिनभर चलने वाले इस आयोजन में कुल 3,203 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 2191 अभ्यर्थियों का चयन विभिन्न कंपनियों द्वारा किया गया।
इनमें कुशल, अर्द्धकुशल और अकुशल सभी वर्गों के प्रतिभाशाली युवाओं को रोजगार के अवसर मिले।
विशेष रूप से उल्लेखनीय यह रहा कि 14 दिव्यांगजन भी चयनित हुए, जिन्हें उनकी क्षमता और कौशल के अनुरूप अवसर प्रदान किए गए और जोमैटो जैसी कंपनी में उन्हें रोजगार मिले। यह मेला वास्तव में “समावेशी विकास” का जीवंत उदाहरण बन गया — जहाँ किसी भी व्यक्ति को उसकी शारीरिक या सामाजिक स्थिति के आधार पर नहीं, बल्कि उसकी प्रतिभा और योग्यता के आधार पर अवसर दिया गया।
रोजगार विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त पहल से आयोजित यह मेला प्रदेश सरकार की उस नीति का मूर्त रूप प्रतीत हुआ, जिसके अंतर्गत “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान” का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन में कंपनियों ने युवाओं के साथ ऑन-द-स्पॉट इंटरव्यू किए और कई अभ्यर्थियों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
समापन सत्र में सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
उन्होंने कहा कि बागपत में आयोजित यह वृहद रोजगार मेला न केवल एक कार्यक्रम है, बल्कि यह सुशासन और जनसहभागिता की सच्ची झलक है। जिस तरह से प्रशासन, उद्योग जगत और युवा एक मंच पर एकत्रित हुए हैं, वह विकसित होते उत्तर प्रदेश की दिशा में एक ठोस कदम है। सांसद डॉ. सांगवान ने आगे कहा कि “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने जिस मिशन रोजगार को जनआंदोलन का रूप दिया है, उसका सबसे सुंदर उदाहरण आज बागपत में देखने को मिला है। हमारे जिले के हजारों युवाओं को आज अपने ही जनपद में सम्मानजनक रोजगार मिलना, इस बात का प्रमाण है कि सरकार की नीतियाँ अब धरातल पर साकार रूप ले रही हैं।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने बताया कि यह मेला केवल रोजगार देने का माध्यम नहीं, बल्कि स्थानीय उद्योगों और मानव संसाधन के बीच सेतु बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा — हमारा लक्ष्य है कि कोई भी कुशल युवा बेरोजगार न रहे। अब रोजगार के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी, क्योंकि उद्योगों और युवाओं को स्थानीय स्तर पर जोड़ा जा रहा है। इस रोजगार मेले की तैयारी प्रशासन ने अभूतपूर्व स्तर पर की थी। सेवायोजन विभाग, यूपीसीडा, उद्योग विभाग, स्वास्थ्य, आयुष, खाद्य सुरक्षा, लोक निर्माण और ग्रामीण अभियंत्रण विभागों के संयुक्त समन्वय से बागपत, बड़ौत, खेकड़ा, अहेड़ा, डूंडाहेड़ा, काठा आदि क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों को जोड़ा गया।
स्थानीय कंपनियों की सक्रिय भागीदारी इस मेले की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। बागपत के युवाओं को अपने घर के पास ही ₹12,000 से ₹35,000 वेतनमान पर रोजगार मिला। जिला सेवायोजन अधिकारी विपिन कुमार के अनुसार, “फूड प्रोसेसिंग, वस्त्र, बैंकिंग, होटल इंडस्ट्री, कृषि आधारित उद्योग, पैकेजिंग और तकनीकी सेवाओं से जुड़ी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर चयन किया।
महिलाओं और दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अलग पंजीकरण एवं इंटरव्यू डेस्क बनाए गए। कई दिव्यांग अभ्यर्थियों को नियुक्त कर कंपनियों ने प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने स्वयं दिव्यांग अभ्यर्थियों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति केवल ‘सक्षम’ ही नहीं बल्कि कई क्षेत्रों में अद्भुत कौशल रखते हैं। उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बागपत की स्थानीय कंपनियों ने भी इस पहल की सराहना की। वर्षा डिजिटल कलर लैब एवं सब्लिमेशन के सीईओ विनय मलनिया ने कहा कि “इस मेले से हमें प्रशिक्षित और जिम्मेदार स्थानीय कर्मचारी मिले हैं। यह प्रयास उद्योगों और युवाओं दोनों के लिए लाभकारी है। मेले में मशीन ऑपरेटर, मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव, सुपरवाइज़र, अकाउंटेंट, लैब एनालिस्ट, टेक्सटाइल डिजाइनर, CNC/VMC ऑपरेटर, इलेक्ट्रिशियन, डेटा एंट्री ऑपरेटर और कस्टमर केयर जैसे सैकड़ों पदों के लिए चयन हुआ। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया।
सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, बागपत ने मेले के दौरान 600 से अधिक युवाओं को निःशुल्क ‘संदेश’ पत्रिका वितरित की। इस पत्रिका में राज्य सरकार की विभिन्न रोजगार, कौशल विकास, शिक्षा, उद्यमिता और युवा कल्याण से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी शामिल रही। जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी ने बताया कि ‘संदेश पत्रिका’ सरकार और नागरिकों के बीच संवाद का सेतु है जिसके माध्यम से राज्य की जनकल्याणकारी नीतियों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाई जाती है। सूचना विभाग की यह पहल मेले में उपस्थित प्रतिभागियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय रही।
यह मेला “लोकल टैलेंट से लोकल डेवलपमेंट” की सोच को साकार करता दिखा। अब जिले के युवा अपने ही परिवेश में आत्मनिर्भर बन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बागपत का यह मॉडल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा। अंततः यह रोजगार मेला न केवल हजारों परिवारों में खुशहाली का कारण बना, बल्कि सुशासन, सामाजिक समावेशन और आर्थिक विकास की दिशा में “आत्मनिर्भर बागपत” की ठोस नींव रख गया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव ,अपर जिलाधिकारी न्यायिक शिवनारायण, जिला विकास अधिकारी राहुल वर्मा ,डिप्टी कलेक्टर मनीष यादव ,ज्योति शर्मा जिला सहायता रोजगार अधिकारी विपिन कुमार, उपयुक्त उद्योग अर्चना तिवारी अधिशासी अधिकारी के के भड़ाना, पूर्व जिला अध्यक्ष सूरजपाल गुर्जर, सम्राट पृथ्वीराज चौहान डिग्री कॉलेज प्राचार्य सहित आदि उपस्थित रहे।

