अधिकारियों को समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश।
RKTV NEWS/चतरा ( झारखंड)03 नवंबर।समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में उपायुक्त कीर्तिश्री की अध्यक्षता में राजस्व एवं जनशिकायत कोषांग से संबंधित लंबित प्रकरणों की गहन एवं बिंदुवार समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से भू-हस्तांतरण, FRA/NOC, भारतमाला परियोजना, सरकारी भवन परिसर से संबंधित भूमि की ऑनलाइन प्रविष्टि, दाखिल-खारिज, भू-मापी, ऑनलाइन पंजी-2 शुद्धिकरण, अपील वाद, राजस्व न्यायालय में लंबित प्रकरण तथा अन्य जनहित से जुड़े मामलों की विभागवार समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने प्रखंड एवं अंचल स्तर पर लंबित प्रकरणों की संख्या पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी वादों का निष्पादन समय-सीमा के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भू-हस्तांतरण से जुड़े प्रकरणों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कहा कि मंडल कारा, औद्योगिक पार्क, सोलर पार्क एवं नए समाहरणालय भवन निर्माण हेतु चिन्हित भूमि से संबंधित कार्रवाई पर विस्तृत प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में प्रतापपुर एवं गिद्धौर अंचल में प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं दोनों अंचल अधिकारियों से स्पष्ट स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता दरबार एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक शिकायत की शत-प्रतिशत ऑनलाइन प्रविष्टि की जाए तथा प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायत निवारण की प्रगति नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट की जाए और पात्र लाभुकों को लाभ दिलाने में किसी प्रकार की विलंब ना हो।
इस दौरान उन्होंने राज्य स्थापना दिवस के सफल आयोजन हेतु सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को पूर्व तैयारी पूर्ण करने, कार्यक्रम से जुड़े सभी व्यवस्थाओं के अनुपालन एवं जनसहभागिता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
बैठक में अपर समाहर्ता अरविंद कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी सिमरिया सनी राज, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी वैभव सिंह, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नीतू सिंह, सभी अंचल अधिकारी, संबंधित शाखाओं के प्रभारी अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

