
RKTV NEWS/जयपुर(राजस्थान)15 अक्टूबर। लॉरेन्स विश्नोई गैंग के सक्रिय गैंगस्टर वर्तमान में रोहित गोदारा गैंग से संबंध रखने वाले गैंगस्टर अमित शर्मा उर्फ जैक पण्डित को एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स राजस्थान की सूचना पर सी.बी.आई. की इन्टरपोल ब्रान्च के माध्यम से अमेरिकी एजेन्सियों को सूचित करने पर अमित शर्मा उर्फ जैक पण्डित को किया डिटेन, जिसको भारत लाने के प्रयास जारी हैं।
अपराध शाखा/एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के अति. महानिदेशक दिनेश एम.एन. के निर्देशन में संगठित आपराधिक गिरोह के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए रोहित गोदारा गैंग का फरार कुख्यात अपराधी अमित शर्मा उर्फ जैक पण्डित जो गैंग के लिए विदेशों में बैठकर आपराधिक गतिविधियां कर रहा था, यह गैंग के लिए फाइनेंस का काम सम्भालता था, जिसके लिए वह एक्सर्टेशन मनी को विदेशों में रिसीव करने एवं विभिन्न माध्यमों से गैंग के सदस्यों तक पहुंचाने का मुख्य रूप से कार्य करता था। इसके अलावा इस गैंग के जो सदस्य भारत से विदेशों में छुपने के लिये भाग जाते थे उनको विदेशों में शरण दिलाने एवं उनको पैसा उपलब्ध करवाना, उनके लिये फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने का काम कर रहा था। रोहित गोदारा जब भारत से भागकर गया था तो अमित पण्डित ने ही इसकी रूकवाने की व्यवस्था की थी। अमित शर्मा ने लॉरेन्स गैंग के लिये आपराधिक गतिविधियां शुरू की जिसकी सूचनाएं प्राप्त हुई, जिस पर तत्कालीन उप महानिरीक्षक पुलिस, योगेश यादव, सी.आई.डी. (सी.बी.) के सुपरविजन में कार्यवाही शुरू की गई, जिसको वर्तमान उप महानिरीक्षक पुलिस, दीपक भार्गव, सी.आई.डी. (सी. बी.), राज., जयपुर के सुपरविजन में निरन्तर जारी रखकर ए.जी.टी.एफ. की टीम को कार्यवाही करने के लिये सक्रिय किया गया।
अपराधी अमित शर्मा उर्फ जैक पण्डित पुत्र विनोद शर्मा निवासी 15 जेड, पुलिस थाना मटीली राठान, जिला श्रीगंगानगर के कई प्रकरणों में वांछित चल रहा था। इसी दौरान मौका पाकर यह विदेश भाग गया था और गैंग के लिये सक्रिय रूप से काम करने लग गया। ए.जी.टी.एफ. की टीम ने इसके विदेश में होने की सूचनाएं प्राप्त की। इस अपराधी की आपराधिक गतिविधि और गैंग में इसके सक्रियता के संबंध में अमृता दुहान, पुलिस अधीक्षक जिला श्रीगंगानगर ने भी काफी सूचनाएं एकत्रित की एवं इसके गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कार्यवाही प्रारम्भ की गई। प्राप्त सूचनाओं के अनुसार यह अपराधी भारत से दुबई, दुबई से स्पेन और स्पेन से कुछ अन्य देशों से होते हुए अमेरिका पहुंचा। इसके अमेरिका और स्पेन में होने की सुचना प्राप्त होने पर सी.बी.आई. इन्टरपोल ब्रान्च के माध्यम से अमेरिकन एजेन्सियों को इसके रेड कार्नर नोटिस व अन्य दस्तावेज भेजकर सूचित किया गया, जिस पर अमेरिकन एजेन्सियों ने इसको डिटेन कर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
