RKTV NEWS/अनिल सिंह,02 जून।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक अणे मार्ग स्तिथ संकल्प में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की समीक्षा की और वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
बैठक में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने विभाग के कार्यों की अद्यतन स्तिथि की जानकारी दी।
बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास) सीपी खंडूजा ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जल- जीवन- हरियाली अभियान के तहत वृक्षारोपण अभियान 23-24 के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की वर्ष 2324 के लिए 433.93 लाख पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है साथ ही उन्होंने वर्ष 19 से 23 तक के किए गए पौधारोपण की जानकारी दी।उन्होंने वृक्षारोपण की उत्तरजीविता , पौधशालाओं में पौधों की उपलब्धता ,मुख्यमंत्री निजी पौधशाला योजना की विशेषताएं,कृषि वानिकी योजना की विशेषताएं तथा वर्ष 2324 में वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा की पर्यावरण संरक्षण में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की बड़ी भूमिका है।विभाग नीतियों एवं प्राथमिकताओं के आधार पर बेहतर ढंग से कार्य करे और लक्ष्य के अनुरूप और तेजी से पौधारोपण का कार्य कराए।पौधारोपण के लिए जो कार्य योजना बनाई गई है उसको ठीक ढंग से कार्यान्वित करें।उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में जल संग्रह की बनाई गई जगहों पर भी पौधारोपण कराने का निर्देश दिया।मुख्यमंत्री ने पहले से लगाए गए पौधो को जीवित रखने के लिए सभी जरूरी उपायों को करने की भी सलाह दी।नीतीश कुमार ने सरकारी भवनों ,सरकारी विद्यालयों,नहर,नदी एवं सड़को किनारे पौधो को लगाने पर विशेष बल दिया।उन्होंने सभी जिलों में पौधारोपण को बढ़ावा देने के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगो को जोड़ने और लक्ष्य की प्राप्ति करने हेतु सुझाव दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा की बिहार से झारखंड के अलग होने के बाद राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 9 फीसदी ही रह गया था।वर्ष 2012 में शुरू की गई हरियाली मिशन के तहत 24 करोड़ पौधों को लगाने का लक्ष्य रखा गया था जिसमे से 22 करोड़ पौधों को लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया जिसके फलस्वरूप राज्य का हरित आवरण क्षेत्र 15 फीसदी हो गया है।उन्होंने हरित आवरण क्षेत्र के कम से कम 17 फीसदी होने पर जोर देते हुए तेजी से पौधा रोपण कराने पर बल दिया।उन्होंने कहा की वर्ष 2019 में जल जीवन हरियाली की शुरुआत की गई जिसमे हरियाली को बढ़ावा देने के लिए तथा जल संरक्षण के लिए तेजी से काम किए जा रहे है।
बैठक में वित्त वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी,मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार,मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह,मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ,सचिव अनुपम कुमार,जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी राहुल कुमार,प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशुतोष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
