जवईनिया के पुर्नवास के लिए सरकार स्पेशल पैकेज दे: सासंद सुदामा प्रसाद
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)30 सितंबर।जवईनिया गंगा कटाव पीड़ितों को राहत,पुनर्वास एवं स्पेशल पैकेज की मांग को भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य सांसद सुदामा प्रसाद एवं केन्द्रीय कमेटी सदस्य अभ्युदय के नेतृत्व के नेतृत्व में भोजपुर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया से मिलकर भाकपा माले के प्रतिनिधि मंडल ने छः सूत्री मांगों का मांग-पत्र सौंपा!
आपको ज्ञात है कि पिछले 18 जुलाई 2025 को गंगा नदी में इस वर्ष शुरू हुए कटाव में भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड के जवइनिया गाँव के लगभग 350 घर गंगा के गोद में समा गए.इस महाविपदा से एक हजार से ज्यादा परिवारों ने अपना सब कुछ खो दिया.इस विपदा की आशंका के तहत आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने कटाव से होने वाली क्षति के पूर्वानुमान के तहत मौजूदा लोकसभा के पहले सत्र में ही मजबूत पक्के बांध निर्माण की लोकप्रिय मांग उठाई थी. जिसके बाद घोर अनियमिता व घोटाले से घिरा एक अस्थाई ‘ठोकर’ बांध बनाया गया जो बनते हुए ही टूटना शुरू हो गया और अंततः बीचो–बीच ध्वस्त होकर जवइनिया गाँव की तबाही का फौरी कारण बना.
सैकड़ों कटाव पीड़ित पिछले ढाई महीने से दामोदरपुर बांध पर प्लास्टिक तान कर सांप – बिच्छुओं के साथ रहने को अभिशप्त हैं. लगभग डेढ़ हजार बच्चों वाला जवनिया 10+2 स्कूल भी नदी में समा गया है. इन बच्चों की पढाई ढाई महीने से बंद है. खेती–किसानी, रोजी–रोजगार, सब कुछ ठप है. जानकारी के लिए बलिया जिले का सटा हुआ गाँव चक्की–नौरंगा भी बुरी तरह प्रभावित है. गंभीर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में पूरा दामोदरपुर पंचायत नदी में समा जाएगा.
यह सामान्य आपदा नहीं एक असामान्य विपदा है जिसने हज़ारों बेबस महिला–पुरुष–बुजुर्गों–बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर दी है और हज़ारों पर खतरा मंडरा रहा है. यह असामान्य स्थिति राहत और पुनर्वास की असामान्य योजना और ईमानदार क्रियान्वयन व निगरानी की मांग करती है. पर इस दिशा में सरकार के कदम सुस्त या लापरवाह नहीं बल्कि आपराधिक उपेक्षा से भरे हैं.
प्रतिनिधिमंडल द्वारा जिलाधिकारी को सुपुर्द मांग पत्र
1.कटाव रोकने के लिए बक्सर से कोईलवर तक स्थाई कॉन्क्रीट बांध का निर्माण अविलंब शुरू किया जाए. पूरे कटाव क्षेत्र को खनन मुक्त घोषित किया जाए अवैध बालू खनन पर सख्ती से रोक लगे.
2. कटाव पीड़ितों के संपूर्ण पुनर्वास की समग्र योजना बने और उसे तत्काल लागू किया जाए. किसी को छोड़े बिना पीड़ितों की समग्र व त्रुटिहीन सूची बने. सभी विवाहित पीड़ितों को इकाई मानकर ₹ 25 लाख का मुआवजा, ज़मीन व मकान देने की गारंटी की जाए. इसके लिए स्कूल, सामुदायिक भवन, पेयजल, बिजली , सड़क व स्वास्थ्य केंद्र के साथ समग्रता में पूरे जवनिया गांव को उपयुक्त भूमि पर नए सिरे से बसाये जाने के लिए विशेष पैकेज की घोषणा हो.
3. कटाव के पीड़ित परिवार अब भूमिहीन हैं और जीविका खत्म हो गई है. सभी पीड़ित परिवारों के रोज़गार का अविलंब प्रबंध किया जाए. गांव फिर से बसाने की योजना में इन पीड़ितों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए.
4.10+2 जवनिया उच्च विद्यालय ध्वस्त हो चुका है. ढाई महीने से बच्चों की पढ़ाई बंद है. इन्हें जिस स्कूल में स्थानांतरित किया गया है वह लगभग 10 किलोमीटर दूर है और पहले से अपनी अधिकतम छात्र क्षमता पर चल रहा है. नए स्कूल भवन के निर्माण तक इन बच्चों को नजदीक के स्कूल में स्थानांतरित किया जाए और आवागमन के लिए वाहन की व्यवस्था की जाए.
5. पुनर्वास पूरा होने तक सामुदायिक किचेन, बांध पर रह रहे पीड़ितों के लिए बसावट के अंतिम छोर तक सड़क का निर्माण, 24 घंटे पर्याप्त लाइट, पीने के लिए साफ पानी की समुचित व्यवस्था, पर्याप्त शौचालय व मेडिकल टीम की 24×7 व्यवस्था की जाए.
6. तात्कालिक मुआवजे की ₹ 1, 20, 000 की राशि देने में जारी आधार व KYC के अड़ंगे को तत्काल खत्म कर सभी के लिए इसके सुगम भुगतान की गारंटी की जाए. ऐसे भी पीड़ित हैं जिन्हें पिछली बाढ़ का मुआवजा अभी इस वर्ष मिला है.
प्रतिनिधि मंडल ने उपरोक्त मांगों पर भोजपुर जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया से त्वरित कार्यवाई की अपील की है!
प्रतिनिधि मंडल में भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व सुदामा प्रसाद,
केंद्रीय कमिटी सदस्य अभ्युदय के अलावे नगर सचिव सुधीर कुमार,राज्य कमेटी सदस्य विजय ओझा राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी,शाहपुर प्रखंड सचिव हरेंद्र सिंह,जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम,जिला कमेटी सदस्य चंदन कुमार, जयशंकर प्रसाद,अशोक गोड़,झक्कड़ बिंद,सियाराम गोड़विद्यावती देवी शामिल थी।
उक्त जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

