समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार हर कदम दिव्यांगों के साथ।

विकास भवन में सेवा पखवाड़े के अंतर्गत कृत्रिम उपकरण पाकर खिल उठे दिव्यांगों के चेहरे।

योजनाओं का लाभ उठाकर दिव्यांगजन लिख रहे हैं आत्मसम्मान की नई कहानी।

योजनाओं का संबल लेकर दिव्यांगजन बदल रहे हैं अपनी और समाज की तस्वीर।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)27 सितंबर। जनपद में सेवा पखवाड़े (17 सितंबर से 2 अक्टूबर) के अंतर्गत विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायी उदाहरण पेश किया। कार्यक्रम में बागपत विधायक योगेश धामा ने 24 ट्राइसाइकिल और 10 व्हीलचेयर वितरित कीं। इन सहायक उपकरणों को पाकर दिव्यांगजनों के चेहरों पर जो खुशी झलकी, उसने पूरे आयोजन को जीवंत और सार्थक बना दिया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने लाभार्थियों के साथ संवाद किया और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की राह पर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर लाभान्वित दिव्यांगों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
बागपत विधायक योगेश धामा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का सपना है कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बने। देश निरंतर नेतृत्व में सशक्त हो रहा है और विकास की गंगा बह रही है। सेवा पखवाड़ा इसी विजन को जन-जन तक पहुँचाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज की शक्ति हैं और सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि उन्हें जीवन की हर सुविधा उपलब्ध कराई जाए। आज वितरित की गई ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर न केवल उनकी आवाजाही को सरल बनाएंगी बल्कि उनके जीवन में आत्मविश्वास, संबल और चमत्कार लेकर आएंगी।
अब दिव्यांग खुद को कमजोर न समझें बल्कि आत्मनिर्भर व सशक्त नागरिक के रूप में देश निर्माण में योगदान दें। उन्होंने आगे कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज का बोझ नहीं, बल्कि उसकी ताकत हैं। यदि उन्हें अवसर और साधन दिए जाएं तो वे राष्ट्रनिर्माण में अमूल्य योगदान दे सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि दिव्यांगजन केवल लाभार्थी न रहकर समाज के सक्रिय सहभागी बनें। यह उनका अधिकार है और इस अधिकार की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है।
मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि सेवा पखवाड़े के अंतर्गत पूरे जिले में विभिन्न जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिसमें अंत्योदय के संकल्प के साथ योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग कल्याण विभाग भी इस दिशा में कई योजनाएँ संचालित कर रहा है। शासन द्वारा संचालित विकलांग पेंशन योजना, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण योजना, दिव्यांगजन के पुनर्वासन हेतु दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना और विशेष विवाह योजना आदि प्रमुख हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान की राह पर आगे बढ़ाना है।
परियोजना निदेशक राहुल वर्मा ने कहा कि आज वितरित किए गए उपकरण केवल सहायक साधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की राह में नई ऊर्जा का प्रतीक हैं। आज के कार्यक्रम में लाभार्थियों ने उपकरण पाकर अपनी भावनाएँ साझा कीं। एक लाभार्थी ने कहा कि अब उन्हें कहीं भी पहुँचने में आसानी होगी। अन्य लाभार्थी ने बताया कि पहले वे घर तक ही सीमित थे लेकिन अब जीवन की राह सरल और सुविधाजनक हो जाएगी। उनकी आँखों में उम्मीद और चेहरे पर मुस्कान इस बात का प्रमाण बनी कि यह उनके जीवन में नए अवसर और संभावनाएँ जगाने वाली पहल है। दिव्यांगजन अगर सक्षम होंगे तो परिवार, समाज और राष्ट्र—तीनों सक्षम होंगे।
प्रशासन द्वारा दिव्यांगों का आत्मविश्वास बढ़ाए जाने एवं उनकी प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देश में विभिन्न नई पहल की जा रही है।

