
RKTV NEWS/दुमका (झारखंड)26 सितंबर।JSLPS एवं इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), जामा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 10 दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का समापन शुक्रवार को किया गया। इस प्रशिक्षण में 35 सखी मंडल की महिलाओं ने भाग लिया।
समापन अवसर पर जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक निशांत एक्का एवं आरसेटी निदेशक आशीष अनुराग ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्य अतिथि श्री एक्का ने कहा कि “झारखण्ड को संवारने में सखी मंडल की महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
आजीविका मिशन के अंतर्गत इस तरह का प्रशिक्षण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
आरसेटी निदेशक अनुराग ने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “मशरूम की खेती लागत में कम और लाभ में अधिक है। यह खेती कृषि अवशेषों में की जाती है और इसके लिए अलग से भूमि की आवश्यकता नहीं होती।”
प्रशिक्षक सेनेहली हेम्ब्रोम ने बताया कि मशरूम न केवल कुपोषण और प्रदूषण की समस्या का समाधान है बल्कि यह औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इसमें मौजूद फोलिक एसिड, प्रोटीन और विटामिन बी-12 महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।
इस अवसर पर महिलाओं को एंटरप्राइज डेवलपमेंट से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण के अंत में भारत सरकार द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन कराया गया।
कार्यक्रम में जेएसएलपीएस के प्रणव प्रियदर्शी, कौशिक मंडल, तथा आरसेटी से उत्पल कुमार लाहा, अमरदीप कुमार एवं संजय सोरेन उपस्थित रहे।
