RK TV News
खबरें
Breaking News

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ ने अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के 11वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की।

RKTV NEWS/नई दिल्ली 21 सितंबर।राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत शेठ ने शनिवार को यहाँ अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के 11 वें दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) डॉ. सुनीता शर्मा और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव डॉ. विनोद कोटवाल भी उपस्थित थे।
अपने संबोधन में डॉ. शेठ ने स्नातक छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों और संकाय सदस्यों को स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में छात्रों का मार्गदर्शन और प्रेरणा देने में उनके समर्पण के लिए बधाई दी। उन्होंने देश भर में 1:1000 का एक समान डॉक्टर-रोगी अनुपात बनाए रखने की विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफ़ारिश को पूरा करने के लिए देश में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया। डॉ. शेठ ने स्नातक (यूजी) से स्नातकोत्तर (पीजी) के बीच 1:1 का संतुलित अनुपात हासिल करने के लिए चल रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया, जिसका उद्देश्य भारत की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की गुणवत्ता को विकसित देशों के मानकों के बराबर लाना है।
डॉ. शेठ ने राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परीक्षा बोर्ड और राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) द्वारा शुरू की जा रही नई पहलों पर को भी रेखांकित किया जैसे कि योग्यता-आधारित चिकित्सा शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पारंपरिक शारीरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल-आधारित और आभासी शिक्षा को एकीकृत करना। उन्होंने छात्रों को अपने स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देने, चुनौतियों का डटकर सामना करने और आजीवन सीखने वाले बने रहने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. विनोद कोटवाल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि आज का यह अवसर छात्रों की वर्षों की कड़ी मेहनत का परिणाम है और कहा, “यह राष्ट्र के स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति आपकी आजीवन प्रतिबद्धता की शुरुआत है।” उन्होंने एबीवीआईएमएस को हाल ही में मिली एनएबीएच मान्यता के लिए भी बधाई दी, जो “गुणवत्ता, सुरक्षा और रोगी-केंद्रित देखभाल के प्रति संस्थान की अटूट प्रतिबद्धता की मान्यता है”। डॉ. कोटवाल ने छात्रों से आग्रह किया कि वे ज्ञान, खोज और सेवा को अपने मार्गदर्शक सिद्धांतों के रूप में ईमानदारी, करुणा और सम्मान के साथ जारी रखें। उन्होंने कहा, “चिकित्सा केवल बीमारी का इलाज करने के बारे में नहीं है; यह पीड़ित रोगियों की देखभाल करने के बारे में है।”
डॉ. सुनीता शर्मा ने स्नातक छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “आज आप सिर्फ़ डिग्री प्राप्त नहीं कर रहे हैं बल्कि आप एक गहन ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं—रोग निवारण, नेतृत्व और राष्ट्र की सेवा, चाहे आप किसी भी क्षमता में चुनें।” चाहे आप नैदानिक देखभाल, चिकित्सा अनुसंधान या शिक्षा के क्षेत्र में हों, उन्होंने सलाह दी, “अपने काम को सहानुभूति, प्रमाण और उत्कृष्टता से प्रेरित होने दें।”
चिकित्सा पेशे की पवित्रता पर ज़ोर देते हुए, डॉ. शर्मा ने घोषणा की, “यह एक महान कार्य है जो करुणा और मानव जीवन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता पर आधारित है।” उन्होंने स्नातकों को विनम्र और ज़मीन से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित करते हुए समापन किया, चाहे वे जीवन में कितनी भी दूर क्यों न पहुँच जाएँ या कितनी भी उपलब्धियाँ हासिल कर लें।
समारोह के दौरान, 250 स्नातकोत्तर और डीएम छात्रों और 100 एमबीबीएस स्नातकों के पहले बैच को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इस अवसर पर एबीवीआईएमएस (संहिता) की वार्षिक रिपोर्ट भी जारी की गई।

एबीवीआईएमएस और आरएमएलएच के बारे में

1932 में विलिंगडन नर्सिंग होम के रूप में स्थापित, यह अस्पताल 1,532 बिस्तरों वाला एक प्रमुख संस्थान बन गया है जो विभिन्न विशेषज्ञताओं और अति-विशिष्टताओं में व्यापक स्वास्थ्य सेवा प्रदान करता है। 2019 में इसका नाम बदलकर अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएलएच) कर दिया गया। यह अस्पताल प्रतिवर्ष 100 एमबीबीएस सीटों के साथ-साथ 203 स्नातकोत्तर और 48 डीएम/एमसीएच सीटें प्रदान करता है।
यह अस्पताल प्रत्‍येक वर्ष लगभग 12 लाख बाह्यरोगियों और 60,000 आंतरिकरोगियों की सेवा करता है और बिना किसी अस्वीकृति नीति के चौबीसों घंटे आपातकालीन सेवाएं प्रदान करता है। एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएलएच एक तृतीयक देखभाल केंद्र है जो भारत के लोगों को लगभग सभी विशेषज्ञता और अति-विशिष्टता क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सेवाएं प्रदान करता है। डॉ. आरएमएलएच सीजीएचएस लाभार्थियों, सांसदों, पूर्व सांसदों, मंत्रियों, न्यायाधीशों और अन्य अति-विशिष्ट गणमान्य व्यक्तियों को भी चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करता है।
इस कार्यक्रम में एबीवीआईएमएस के निदेशक डॉ. (प्रो.) अशोक कुमार, एबीवीआईएमएस की डीन डॉ. आरती मारिया, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, संकाय सदस्य और अभिभावक भी उपस्थित थे।

Related posts

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राजस्थान के जयपुर स्थित अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही के कारण एक महिला की कथित मृत्‍यु का स्वतः संज्ञान लिया।

rktvnews

पश्चिमी चंपारण:कार्यालयों में बिचौलियों को चिन्हित कर करें विधिसम्मत कार्रवाई : जिला पदाधिकारी

rktvnews

बिहार:भोजपुर:कृषि वैज्ञानिक डॉ. राम नरेश ने बताया कैसे होंगे उन्नत फसल।

rktvnews

पत्रिका से सिनेमाई वास्तविकता तक: रणबीर कपूर के साथ अपनी अगली रिलीज ‘एनिमल’ से पहले अंशुल चौहान ने एक भावुक नोट लिखा।

rktvnews

जिला स्तरीय वन अधिकार समिति की बैठक संपन्न।

rktvnews

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने 54वें आईएफएफआई में मनमोहक ‘इन कन्वर्सेशन’ सत्र आयोजित किया।

rktvnews

Leave a Comment