महिला उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और कॉरपोरेट फंड्स के बारे में जागरूक करना और उन्हें आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में करे कार्य: उप विकास आयुक्त
RKTV NEWS/देवघर(झारखंड)19 सितंबर।उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा की अध्यक्षता में गुरुवार को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आयोजित “बैंकर्स वर्कशॉप फॉर WEF” (Women Entrepreneurship Fund) का शुभारंभ किया गया। इस दौरान उप विकास आयुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला बैंक को महिलाओं के उद्यमों के लिए वित्तपोषण और सहायता प्रक्रियाओं को समझने में मदद करेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकेगा। साथ ही हमने समूह आधारित वित्त पोषण को सफलतापूर्वक लागू किया है, लेकिन अब समय आ गया है कि हम महिलाओं को व्यक्तिगत उद्यम के लिए प्रोत्साहित करें।
इसके अलावा उप विकास आयुक्त ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण महिलाएँ आज आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। ऐसे में बैंकों की जिम्मेदारी है कि वे समय पर ऋण उपलब्ध कराकर उनके उद्यमिता प्रयासों को और सशक्त बनाएं। हमारा जिला इमर्शन साइट के रूप में चयनित हुआ है, जहाँ दूसरे जिलों एवं राज्यों से सखी मंडल दीदी एवं पदाधिकारी आकर ‘लखपति दीदी’ के मॉडल को देखेंगे और सीखेंगे। ऐसे में यह आवश्यक है कि सभी बैंक मिलकर दीदियों के दस्तावेजों के अनुरूप ऋण वितरण कार्य को गति दें। आगे उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाओं की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा बैंकिंग व्यवस्था में आने वाली बाधाओं को दूर करना था।
साथ ही बैंक और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से ही योजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामीण स्तर तक पहुँचेगा। आगे उन्होंने बैंक प्रबंधकों को निर्देश दिया कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं में सक्रिय भागीदारी निभाएँ और पात्र लाभुकों को समय पर ऋण उपलब्ध कराते हुए पारदर्शिता बनाए रखें। साथ ही कार्यशाला में विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई तथा बैंकर्स से सुझाव भी प्राप्त किए गए। साथ ही यह निर्णय लिया गया कि बैंकिंग सेवाओं की निगरानी और प्रगति की समीक्षा नियमित रूप से की जाएगी।
इस दौरान उपरोक्त के अलावा एलडीएम, जेएसएलपीएस डीपीएम, सभी बैंकों के प्रबंधक, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला समन्वयक, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक एवं संबंधित विभाग के अधिकारी व कर्मी आदि उपस्थित थे।

