
RKTV NEWS/पटना(बिहार)4 सितंबर।भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि भाजपाइयों का चाल-चरित्र आज एक बार फिर बेनकाब हुआ है और उन्होंने अपने कार्यों से यह साबित कर दिया है कि बिहार में गुंडों का राज चल रहा है। लेकिन, अच्छी बात यह रही कि राज्य के कई हिस्सों में भाजपाइयों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद को जनता ने न केवल सिरे से खारिज कर दिया, बल्कि उसका प्रत्यक्ष विरोध भी किया।
बंद के दौरान भाजपाइयों ने अपने पुराने और परिचित चरित्र का प्रदर्शन करते हुए खुलेआम कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को गाली दी और इंडिया गठबंधन के नेताओं के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने प्रसूति के लिए जा रही महिलाओं की एंबुलेंस को रोका, फुटपाथ दुकानदारों के साथ कई स्थानों पर मारपीट की, महिला शिक्षिकाओं के साथ अभद्रता और गाली-गलौज की। भागलपुर में एक प्रतिष्ठित अख़बार के फोटोग्राफ़र को उनकी माँ की गाली दी गई। वहीं स्कूल जा रहे बच्चों को जबरन रोक दिया गया और कई छात्राओं को परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया।
ये तमाम घटनाएं साफ तौर पर दिखलाती हैं कि भाजपा बिहार में गुंडागर्दी के सहारे शासन चलाना चाहती है।भाकपा-माले ने कहा है कि भाजपा की यह मानसिकता नई नहीं है, बल्कि यह उसके चरित्र का स्थायी हिस्सा बन चुकी है।जनता को अब यह साफ-साफ समझ में आने लगा है कि भाजपा किन मूल्यों और विचारों का प्रतिनिधित्व करती है।
भाकपा-माले बिहार की जनता से अपील करती है कि जिन लोगों ने कभी किसी महिला को “जर्सी गाय”, “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड” या “कांग्रेस की विधवा” जैसे आपत्तिजनक नामों से संबोधित किया हो, जो बिलकिस बानो के बलात्कारियों और हत्यारों को फूल-मालाएं पहनाते हों, जो महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़कों को बचाते हों, जो सैकड़ों महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी प्रज्वल रेवन्ना जैसे अपराधियों के प्रचारक और रक्षक बने हों—ऐसे लोगों की हकीकत को बिहार की जनता ने अब भलीभांति पहचान लिया है।
भाकपा-माले जनता से आह्वान करती है कि ऐसी ताक़तों को बिहार से दूर करें, और उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएं।
