45 वर्षों तक पार्टी विस्तार में निभाई अहम भूमिका, अब पेंशन के लिए तरस रहे नेताजी।
अगिआंव/भोजपुर (सुनील कुमार सिंह)04 सितंबर ।भाजपा की नींव मजबूत करने में अपने जीवन का लंबा समय समर्पित करने वाले 75 वर्षीय भाजपा कार्यकर्ता अशोक कुमार सिंह उर्फ़ नेताजी आज वृद्धावस्था में पेंशन के लिए मोहताज हैं। कभी नक्सली गतिविधियों की तपती आग के बीच पार्टी का विस्तार करने वाले नेताजी आज अपनी ही पार्टी की अपेक्षा पूर्ण नीतियों से चिंतित और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। नारायणपुर गांव निवासी अशोक कुमार सिंह 1980 में भाजपा की स्थापना काल से ही विस्तारक समेत अन्य पदों पर रहकर लगातार सक्रिय रहे। 1996 से 2000 तक नक्सली प्रभाव वाले सहार प्रखंड में आरएसएस के खंड कार्यवाहक के रूप में कार्य करते हुए पार्टी के विस्तार में उन्होंने जान की परवाह किए बिना योगदान दिया। उनकी ईमानदारी और निष्ठा को देखते हुए भाजपा ने उन्हें कोषाध्यक्ष और बाद में अगिआंव प्रखंड अध्यक्ष (2003–2006) जैसी जिम्मेदारियाँ भी सौंपी। नेताजी ने शारदा देवी, शकुंतला देवी और शिवेश कुमार जैसे भाजपा प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार में भी दिन-रात मेहनत कर पार्टी को मजबूत किया।
वे उस दौर के भी साक्षी रहे जब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी और कमल सिंह जैसे दिग्गज उनके गांव आकर रात्रि विश्राम करते थे और पार्टी की बैठकों को आगे बढ़ाते थे। इसके बावजूद आज 75 वर्ष की आयु में नेताजी सरकारी वृद्धावस्था पेंशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कई बार आवेदन करने के बाद भी उन्हें पेंशन की राशि से वंचित रखा गया है। अशोक कुमार सिंह ने कहा कि “मैंने जीवन भर पार्टी को मजबूत करने और समाज सेवा में खुद को समर्पित किया, लेकिन आज इस उम्र में कोई मेरा हालचाल तक पूछने वाला नहीं है।” पार्टी की अपेक्षा पूर्ण नीति और सरकार की उदासीनता ने भाजपा के इस समर्पित कार्यकर्ता को गहरी चिंता में डाल दिया है। यह स्थिति भाजपा संगठन और सरकार की कार्यकर्ता सम्मान नीति पर भी बड़ा सवाल खड़ा करती है।

