पारदर्शिता के साथ संचालित हो मिल, किसानों को न हो कोई समस्या।

मिल परिसर में किसानों के लिए सुनिश्चित की जाए मूलभूत सुविधाएं, दो लाख की लागत से कैंटीन शुरू कराने के दिए निर्देश।

ई गन्ना एप पर कृषकों को मोबाइल पर ही मिलेगी सभी जानकारी, ऑनलाइन करे इंस्टॉल।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)03 सितंबर। दी बागपत कोऑपरेटिव शुगर मिल्स लिमिटेड की 18वीं सामान्य निकाय की बैठक आज जिलाधिकारी/सभापति अस्मिता लाल की अध्यक्षता में मिल परिसर, बागपत में सम्पन्न हुई। बैठक में मिल संचालन एवं गन्ना किसानों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिए गए।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट अनुमोदित किया गया तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु तैयार किए गए बजट को क्रियान्वित करने के प्रस्ताव को भी सर्वसम्मति से पारित किया गया। साथ ही समिति की अधिकतम दायित्व सीमा का निर्धारण भी किया गया। समिति ने अवगत कराया कि विगत दो वर्षों में गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान समय से किया जा चुका है, तथा पेराई सत्र 2024-25 में निर्धारित 45 लाख क्विंटल गन्ना पेराई लक्ष्य के सापेक्ष 44.88 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर उपलब्धि हासिल की गई। वर्तमान में किसी भी कृषक का गन्ना मूल्य भुगतान लंबित नहीं है।
जिलाधिकारी ने कहा कि मिल स्थापना वर्ष 1960 से कृषकों के हित संरक्षण की भावना से कार्य कर रही है। वर्तमान डिजिटल युग में भी मिल प्रशासन द्वारा किसानों को पारदर्शी एवं समयबद्ध सूचना उपलब्ध कराने के लिए अनेक नवाचार किए गए हैं। किसानों को गन्ना आपूर्ति एवं भुगतान से संबंधित सभी सूचनाएं अब मोबाइल पर उपलब्ध हो रही हैं। “ई गन्ना ऐप” एवं “स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल” के माध्यम से कृषकगण गन्ना सर्वे, बेसिक कोटा व सट्टा, प्री व फाइनल कैलेंडर पर्चियों का विवरण, समिति पर्ची निर्गमन, ओवरलोड पर्चियों का समायोजन, मिल पर्ची पर तौले गए गन्ने की सूचना एवं गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति सरलता से प्राप्त कर सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने हेतु टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 भी उपलब्ध है। ई गन्ना एप को लिंक https://play.google.com/store/apps/details?id=com.sgk.eganna.in पर इंस्टॉल कर सकते है।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि पेराई सत्र 2024-25 में रिकवरी रेट 10.52 प्रतिशत रहा, जबकि आगामी पेराई सत्र के लिए इसे 11 प्रतिशत से अधिक करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर तक मिल का ट्रायल पूर्ण कर लिया जाए ताकि पेराई सत्र समय से आरंभ किया जा सके।
इस अवसर पर किसानों की मूलभूत सुविधाओं पर भी विशेष बल दिया गया। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि मिल परिसर में कैंटीन की व्यवस्था, टूटी सड़कों का तत्काल मरम्मत, हाई मास्क लाइटों की स्थापना, किसान भवन का सुव्यवस्थित रख-रखाव एवं समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि बागपत चीनी मिल को पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाए तथा किसानों की समस्याओं का समयबद्ध अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने विश्वास व्यक्त किया कि किसानों के सहयोग एवं प्रशासन की प्रतिबद्धता से मिल संचालन सुचारू रूप से संपन्न होगा और जिले के कृषकगण इसका लाभ प्राप्त करेंगे।
बैठक में समिति के पदाधिकारियों, मिल अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में गन्ना कृषकों ने सहभागिता की। बैठक का संचालन मिल के प्रबंधक द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला गन्ना अधिकारी अमर प्रताप सिंह, उपसभापति कृष्णपाल सिंह, प्रधान प्रबंधक प्रदीप कुमार, सदस्य जयप्रकाश धामा, सदस्य चरण सिंह, सहित आदि उपस्थित रहे।

