
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)30 अगस्त। शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर द्वारा ARYA परीयोजना के अंतर्गत नर्सरी ग्रोवर विषय पर पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 25 से 29 अगस्त 2025 तक आयोजित किया गया, जिसमें कुल 25 युवाओं ने भाग लिया और नर्सरी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों की गहन जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर.एन. सिंह, सह निदेशक, प्रसार शिक्षा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज की परिस्थितियों में नर्सरी उद्यमिता ग्रामीण युवाओं के लिए आय और रोजगार का बेहतर स्रोत बन सकती है। उन्होंने प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे इस व्यवसाय को अपनाकर कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाएँ।
केंद्र की प्रधान डॉ. शोभा रानी ने नर्सरी ग्रोवर विषय की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण पौध उत्पादन कृषि का आधार है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इस प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल को अपने व्यावसायिक क्षेत्र में लगाएं , उच्च क्वालिटी के पौध का उत्पादन करें, आर्थिक क्षेत्र में प्रगति करें , इसे रोजगार से जोडे और इससे अन्य बेरोजगार युवा और कृषकों को जोड़कर और समृद्ध बनाएं।प्रगति का मार्ग ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े पैमाने पर कर सकते हैं।
डॉ. विकास सिंह ने प्रशिक्षण के दौरान आयोजित गतिविधियों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रशिक्षणार्थियों ने व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से बीज बुवाई, पौध तैयार करने की तकनीक, मीडिया मिक्सचर की तैयारी, पौध संरक्षण उपाय तथा नर्सरी प्रबंधन की बारीकियों को सीखा। साथ ही उन्होंने नर्सरी उत्पादन के भविष्य में रोजगार और उद्यमिता की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण में युवाओं ने न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया बल्कि आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सकारात्मक संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम का संचालन डॉ सच्चिदानंद सिंह ने किया। इस अवसर पर केंद्र के पादप प्रजनन वैज्ञानिक डॉ अनिल कुमार यादव सहित अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे ।
