
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 6 अगस्त। थाईलैंड के महासरखम विश्वविद्यालय में हाल ही में आयोजित द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय कला और संस्कृति महोत्सव में इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। विश्वविद्यालय के भरतनाट्यम के विद्यार्थी आसिफ हुसैन निवासी गरियाबंद (छ.ग.) एवं राजेंद्र कुमार निवासी अलवर (राजस्थान) ने भारत की कला और संस्कृति को विश्व पटल पर प्रदर्शित किया। उक्त सम्मेलन में भारत सहित चीन, जापान, कोरिया, इंडोनेशिया, कंबोडिया, वियतनाम, म्यांमार, लाओ व ऑस्ट्रेलिया आदि के प्रतिनिधि शामिल हुए थे।
आसिफ और राजेंद्र इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के पूर्व छात्र हैं। इन्होंने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात गुरु प्रेमचंद होम्बल व डॉ. मेदिनी होम्बल, सहायक प्राध्यापक, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ से नृत्य की शिक्षा ली है। थाईलैंड में आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव में दोनों ही कलाकारों ने भारत की सांस्कृतिक धरोहर को भाषण एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किया। आसिफ व राजेंद्र की बेहतर प्रस्तुति के लिए उन्हें प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो से सम्मानित किया गया है।
कुलपति ने विद्यार्थियों को दी बधाई
अंतर्राष्ट्रीय कला और संस्कृति महोत्सव में अपनी प्रस्तुति देने के बाद विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलपति प्रो. डाॅ. लवली शर्मा से आशीर्वाद लिया। इस दौरान कुलपति डाॅ. शर्मा ने भारत की समृद्ध संस्कृति एवं कला को वैश्विक पटल पर पहुंचाने की दिशा में बेहतर कार्य करने पर दोनों ही विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की। उन्होंने कहा कि हमें गर्व है कि हमारे विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हमारी संस्कृति एवं कला को प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इसी तरह निरंतर विश्वविद्यालय की कला-संस्कृति को विश्व स्तर पर ले जाएंगे और विश्वविद्यालय निरंतर विकास की ओर अग्रसर रहेगा। विद्यार्थियों ने अपने गुरुजनों सहित विश्वविद्यालय का आभार जताया।
