
आरा/ भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)05 अगस्त। रविवार को हर दिलअजीज गायक मो.रफी की 45वीं पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में प्रेम का सुसाज संस्था के तत्वावधान में नागरी प्रचारिणी सभागार में फिल्म संगीत का कार्यक्रम तुम मुझे यूं भुला न पाओगे आयोजित हुआ । कार्यक्रम का उद्घाटन संगीत शिक्षक व गायक धर्मेंद्र कुमार, शिक्षक रमेश कुमार, व्यवसाई राजकुमार, संगीत प्रेमी इकबाल इल्मी और गायिका अम्बे शरण ने दीप प्रज्ज्वलित कर और मो.रफी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। नन्ही गायिका ऋषिका शर्मा ने तुम मुझे भूल न पाओगे… गीत गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।आदर्श कुमार ने लिखे जो खत तुझे…, मो. नौशाद ने जॉन जानी जनार्दन…, अलका शरण ने अहसान तेरा होगा मुझ पर…, राजकुमार ने ना जा कहीं अब ना जा…, कुमार अनुपम ने बदन के सितारे लपेटे हुए…, रमेश कुमार ने दिल का सुना साज तराना ढूंढेगा…, मो.युसुफ ने अगर बेवफा तुझको…, नवीन पांडेय ने दिल की आवाज भी सुन मेरे फसाने…, कृष्णकांत मानस ने रहा गर्दिशों में हरदम मेरे इश्क का सितारा…, धर्मेंद्र कुमार ने न फनकार तुझसा तेरे बाद आया… गानों को बखूबी प्रस्तुत किया।
युगल गीतों में नवीन पांडेय व सुनीता पांडेय ने एक तेरा साथ हमको दो जहां…, धर्मेंद्र कुमार व ऋषिका शर्मा ने जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा…, इशारों इशारों में दिल देने वाले…, धर्मेंद्र कुमार व अंबे शरण ने जन्म-जन्म का साथ है हमारा तुम्हारा…, राजकुमार व अम्बे शरण ने इतना तो याद है मुझे… गाकर श्रोताओं को खूब झुमाया।मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम संयोजक शमशाद ‘प्रेम’ ने कहा कि फिल्म संगीत के क्षेत्र में मो. रफी के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। वह एक अच्छे फनकार ही नहीं, बल्कि एक अच्छे इंसान भी थे। इस अवसर पर डॉ.विभा कुमारी, डॉ. संजीव कुमार, सुशील कुमार, नाथूराम, सलील भारतीय, पुनीता सिंह, लड्डन, कृष्णेंदु, पंकज प्रभाकर, संजीव गुप्ता आदि मौजूद थे।
