
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 जुलाई।शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक के तत्वावधान में आयोजित सावन मनभावन कार्यक्रम का उद्घाटन औरंगाबाद से पधारे वरिष्ठ संगीतज्ञ पंडित दिनेश पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर इन्होंने कहा कि प्रकृति में सावन मनभावन छटा बिखेर देती है। सावन के महीने में मिट्टी की सौंधी खुशबू से पूरी प्रकृति सुगंधित हो उठती है। भारतीय संगीत में सावन का उत्सव राग मल्हार व कजरी गाकर मनाने की परंपरा है। संगीत और प्रकृति का यह समावेश सावन को सुहावन बना देता है। इस अवसर पर गायक नितीश पांडेय समेत सागर व लक्षमी ने कजरी सुनाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वही अजीत पांडेय व श्रेया पांडेय ने राग शुद्ध कल्याण में बड़ा ख्याल, छोटा ख्याल बाजो रे बाजो रे मंदलरा प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। शास्त्रीय गायिका विदुषी विमला देवी ने राग मिया मल्हार की बंदिश बोले री पपीहरा अब घन गरजे… प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वही गौरी, सोमी, सानवी व अभिश्री ने ठुमरी काहे रोकत डगर प्यारे नंदलाल मेरे पर भाव अभिनय प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। गुरु आदित्या श्रीवास्तव द्वारा निर्देशित नृत्य संरचना सावन मनभावन ने दर्शकों को खासा प्रभावित किया। इस नृत्य संरचना में सावन के श्रृंगारिक व विरह के भाव को गुरु आदित्या व उनकी शिष्याओं ने प्रस्तुत किया। बरसन लागी बदरिया भींज गई धानी चुनरिया, काहे करेलु गुमान गोरी सावन में, बरसन लागे बदरिया रुमझूम के व सखिया जे गावेली कजरिया पड़ेला झिर झिर बुंदिया जैसे गीतों पर गुरु आदित्या, हर्षिता विक्रम, कुमारी अनिशा, स्नेहा पांडेय, सौम्या जैन, रीतिका, ट्विंकल केशरी, स्मिता सिंह, अंकिता, इशिता ने अपने नृत्य मुद्राओं से दर्शकों को खासा प्रभावित किया। मंच संचालन रविशंकर व धन्यवाद ज्ञापन गुरु बक्शी विकास ने किया।
