विदुषी डॉ. साधना रहटगांवकर और कथक नृत्यांगना सुज़ान मोहिप की प्रस्तुतियों ने बांधा समां, कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा की अध्यक्षता में हुआ सफल आयोजन।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 26 जुलाई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में कल शाम श्रुति मंडल (पाक्षिक कार्यक्रम) का आयोजन हुआ। इसमें सुगम संगीत एवं कथक नृत्य की सुमधुर प्रस्तुतियों ने खूब तालियां बटोरीं। बारिश होने के बाद भी कार्यक्रम का आनंद लेने दर्शकों की भीड़ बनी रही। कार्यक्रम कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा की अध्यक्षता एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इसमें मुख्य अतिथि रानी राजश्री देवी, नुआपाड़ा, ओडिशा रहीं। प्रथम प्रस्तुति विदुषी डॉ. साधना रहटगांवकर, रायपुर के द्वारा दी गई। उन्होंने अपनी सुमधुर आवाज में गजल, भजन, दादरा इत्यादि अनेक सुमधुर रचनाओं की शानदार प्रस्तुति दी, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। छत्तीसगढ़ की स्वर कोकिला डॉ. साधना ने भजन एवं गीत-गजल के माध्यम से सभागार को संगीतमय कर दिया।
द्वितीय प्रस्तुति त्रिनिदाद एवं टोबेगो देश की सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना सुज़ान मोहिप के द्वारा दी गई। उन्होंने शिव वंदना से अपने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद त्रिताल में उपज, थाट, आमद, तोड़ा, तिहाई, परन, तत्कार इत्यादि कथक की पारंपरिक रचनाओं के साथ दीपचंदी ताल में निबद्ध देवी स्तुति पर सुंदर भाव प्रस्तुत कर अपने कथक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। देश-विदेश में अनेक प्रस्तुतियां देने वाली सुज़ान मोहिप के कथक नृत्य ने कार्यक्रम में समां बांध दिया।
मुख्य अतिथि रानी राजश्री देवी ने कार्यक्रम की बहुत प्रशंसा की और संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपना महल दान करने वाले रानी-राजा के प्रति अपना आभार जताया। कुलपति डॉ. लवली शर्मा ने कहा कि इन कलाकारों की प्रस्तुति में दर्शकगण इतने डूब गए कि अपना ही ख्याल न रहा।
कलाकारों ने बहुत ही अनूठी प्रस्तुति दी है, जिसका लाभ हमारे विद्यार्थियों को अवश्य मिलेगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोगी कलाकार के रूप में हारमोनियम एवं गायन सहयोग पर राणा मोहिप (त्रिनिदाद एवं टोबेगो), तबले पर पं. अवध सिंह ठाकुर, सारंगी पर उस्ताद शफ़ीक़ हुसैन तथा बांसुरी पर डॉ. बिहारी लाल तारम ने सफल संगत की। कार्यक्रम का यह सुंदर आयोजन श्रुति मंडल समिति, इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ के द्वारा किया गया, जिन्हें इस कार्यक्रम की सफलता पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं।

