मुआवजा , पुनर्वास की व्यवस्था और बाढ़ नियंत्रण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम को दिया मांग पत्र।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर )24 जुलाई।आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने आज बिहार में आई बाढ़ को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने, मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था करने और बाढ़ नियंत्रण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए पीएम को मांग पत्र दिया।
जिसमे उन्होंने कहा कि बिहार में उत्पन्न भीषण बाढ़ की स्थिति की ओर आकर्षित करना चाहता हूं। गंगा नदी, जो बक्सर से कहलगांव तक फैली हुई है, खतरे के निशान से ऊपर बह रही है और इस क्षेत्र के दर्जनों गांवों और प्रखंडों को गंभीर रूप से प्रभावित कर रही है। शाहपुर प्रखंड के जवइनिया, गंगापुर, दामोदरपुर, छोटी बहुरनपुर, सारंगपुर, सुरेमनपुर, लक्षुटोला, लालुडेरा, आरा प्रखंड के बद्रीराय के टोला, रामविचार राय के टोला, बड़हरा प्रखण्ड के मझौली, पीपर पाती, खवासपुरा, नकनाम टोला, कोईलवर प्रखण्ड के ज्ञानपुर जैसे दर्जनों गांवों में स्थिति अत्यंत गंभीर है। कटाव से पूरा का पूरा जवाइनिया गाँव गंगा में विलीन हो जाने के खतरे से गुजर रह है। गंगा का हाहाकारी जल पूरे गाँव पर आफत की तरह टूट पड़ा है। पिछले ही साल जवाइनिया में एक मंदिर सहित 64 घर गंगा में विलीन हो गए थे, जबकि इस साल अभी तक हनुमान मंदिर, गोवर्धन पहाड़ समेत दो दर्जन से ज्यादा घर भहराकर गंगा नदी में विलीन हो गई है।
उन्होंने कहा कि सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण भोजपुर जिले के तरारी प्रखण्ड के चारूग्राम, फतेहपुर, अवगिला, सहार, मठिया तथा कोइलवर प्रखण्ड के सेमरिया व हरीपुर जैसे गांव भी प्रभावित हुए हैं।
पूरे बिहार में बाढ़ का कहर अब भी जारी है, जिससे अब तक लगभग 10 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, इसने खेती, स्कूल, इलाज, व्यापार आदि को बंद कर सामान्य जनजीवन और आजीविका को बुरी तरह प्रभावित किया है। फसलों का करोड़ों का नुकसान हुआ है और जलजनित बीमारियाँ भी फैल रही हैं।
इस विकट परिस्थिति में बाढ़ पीड़ितों को त्वरित पर्याप्त राहत पहुंचाने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री मंत्री से निम्नलिखित मांगों पर तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया
• स्थिति की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए, कृपया इस बाढ़ को आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करें तथा गंभीर रूप से बाढ़ व कटाव प्रभावित भोजपुर जिले में जवइनिया, मानिराय का टोला, मंझौली सहित सभी गांवों को विशेष पैकेज दिया जाए।
• प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से तुरंत राहत राशि जारी करें और एक समग्र पुनर्वास योजना बनाएं जिसमें प्रभावितों के लिए 24×7 सामुदायिक रसोई, सम्मानजनक आश्रय स्थल, पशुओं के लिए चारा, अस्थायी अस्पताल, साफ पानी, नावों की व्यवस्था, शौचालय, मोबाइल चार्जिंग बिंदु, गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सेवा और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए निशुल्क परिवहन की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
• इस आपदा में जिन परिवारों ने अपने परिजनों या आवास को खोया है, उन्हें 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि शीघ्र प्रदान की जाए।
• बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराकर कृषि भूमि, मकान, पशुधन और व्यवसायों को हुए नुकसान का आंकलन कर PMNRF से यथोचित मुआवजा जारी किया जाए।
उक्त जानकारी सांसद के निजी सहायक चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

