कुलपति प्रो. डॉ. लवली शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक।
संगीत, कंप्यूटर और चित्रकला विभागों में नए छह-माह के कोर्स शुरू करने का फैसला।
नियमित परीक्षा और समय पर परिणाम घोषणा सुनिश्चित करने पर जोर।
कथक विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. शिवाली बैस को पदोन्नति।
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 22 जुलाई। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय में आयोजित शिक्षा समिति की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इसकी अध्यक्षता कुलपति प्रो. डाॅ. लवली शर्मा ने की। बैठक में विश्वविद्यालय के अधिष्ठातागण तथा प्रभारी कुलसचिव डाॅ. सौमित्र तिवारी सहित संबद्ध महाविद्यालय के प्राचार्यगण उपस्थित रहे। बैठक में समिति ने विश्वविद्यालय सहित संबद्ध महाविद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाए जाने, अध्ययन-अध्यापन में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने सहित अन्य विषयों पर अहम निर्णय लिए।
विश्वविद्यालय में संगीत संकाय में छःमाही कोर्स प्रारंभ करने, कंप्यूटर सेंटर में छःमाही कोर्स प्रारंभ करने के साथ ही शोधार्थियों की सुविधाओं पर चर्चा करते हुए विभिन्न निर्णय लिए गए, जिससे उन्हें अपना शोध कार्य पूर्ण करने में किसी भी प्रकार की परेशान न हो। सत्र 2024-25 में विश्वविद्यालय के द्वारा 12 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई है, इस संबंध में भी चर्चा की गई। इसके साथ ही चित्रकला विभाग में सत्र 2025-26 से छःमाही सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने पर भी निर्णय लिए गए। इसके अलावा समिति के द्वारा विश्वविद्यालय तथा संबद्ध महाविद्यालयों में होने वाली परीक्षाओं को समय पर आयोजित करने तथा समय पर विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम घोषित किए जाने पर भी विशेष चर्चा की गई, ताकि विद्यार्थियों को आगामी सत्र में प्रवेश के लिए परेशान न होना पड़े। विश्वविद्यालय के थियेटर विभाग की छात्रा कु. मेघा श्यामकुंवर जो कोविड-19 तथा पारिवारिक समस्या के कारण निर्धारित सत्र में अपना कोर्स पूरा नहीं कर पाई थी उनके आवेदन पश्चात छात्रहित को देखते हुए विशेष अनुमति के तहत छात्रा को कोर्स पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया।
इसके साथ ही कथक विभाग की सहायक प्राध्यापक डाॅ. शिवाली बैस ने पदोन्नति के संबंध में आवेदन किया था, जिसके परीक्षण उपरांत आवेदन को सही पाए जाने पर डाॅ. शिवाली बैस को पदोन्नति प्रदान करने हेतु निर्णय लिया गया। इसके अलावा समिति के सदस्यों द्वारा विश्वविद्यालय के हित में विभिन्न विषयों पर चर्चा कर सार्थक निर्णय लिए गए।

