
शाहपुर/भोजपुर (राकेश मंगल सिन्हा) 18 जुलाई। भोजपुर जिला के शाहपुर के गौतम नगर स्थित श्री त्रिदंडी देव राजकीय डिग्री महाविद्यालय मे इतिहास विभाग एवं अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना दक्षिण बिहार, भोजपुर जिला इकाई के संयुक्त तत्वावधान मे एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। भारत बोध की प्रासंगिकता विषय पर सेमिनार की शुरुआत प्रधानाचार्य प्रो डॉ गुलाब फलाहारी, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ सुरेश पांडे, इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ राजीव कुमार के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। स्वागत भाषण करते हुए प्रधानाचार्य प्रो डॉ गुलाब फलाहारी ने कहा कि भारत बोध होना गौरव की बात है। हमारे विद्वान इतिहासकार के संबोधन से छात्र और छात्रा काफी लाभान्वित होंगे। इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ राजीव कुमार ने कहा कि वर्तमान भारत की युवा पीढ़ी को भारत बोध ज्ञान परंपरा की जानकारी होने के लिए सेमिनार का आयोजन किया गया है।
भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने का दायित्व युवा इतिहासकारों के कंधे पर है। एम एम महिला कॉलेज के इतिहास विभागाध्यक्ष प्रो डा राजीव कुमार ने सेमिनार को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा अति प्राचीन है। पूरी दुनिया मे ज्ञान की शुरुआत भारतवर्ष से हुई है। इसलिए भारत बोध की प्रासंगिकता आज के समय की मांग है। अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना, नई दिल्ली के क्षेत्रीय संगठन मंत्री तथा मुख्य अतिथि डॉ सुरेश पांडे ने भारत बोध की परिकल्पना और उसकी प्रासंगिकता पर विचार रखते हुए कहा कि जागृत माता जागृत राष्ट्र जागरण होता है। भारतवर्ष की अवधारणा वसुदैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर है। मंच संचालन डॉ शीतल शर्मा तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ अबुल कलाम द्वारा किया गया। इस अवसर पर कुलानुशासक अबुल कलाम, डा आस्था कुमारी, डा अंबरीश गौतम, नवीन चंद्र शर्मा, शेर सिंह, अजीत कुमार राम, अनिता कुमारी, चंदन तिवारी, राजन तिवारी, दीपक कुमार, प्रकाश चौबे, सुशील कुमार ठाकुर के अलावा 200 छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। राष्ट्रगान के साथ सेमिनार का समापन किया गया।
