रैंकिंग में सुधार हेतु समन्वित प्रयासों से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश।
कार्यशैली में सुधार न लाने पर अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही होगी तय।
RKTV NEWS/बागपत(उत्तर प्रदेश)11 जुलाई।जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक की बैठक में जिले की विकास कार्यों की खराव रैंकिंग बालों विभागों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन जिले की छवि को प्रभावित करता है। जिलाधिकारी ने रैंकिंग में गिरावट वाले सभी विभागों को तत्काल सुधार के करने के निर्देश दिए।
बैठक में पंचायत राज, श्रम विभाग, सेवायोजन, समाज कल्याण, निपुण मिशन और उद्योग विभाग की विशेष समीक्षा की गई। इन विभागों की खराब रैंकिंग पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कार्यों में गति नहीं लाई गई तो व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायतों में 15वें वित्त आयोग की धनराशि का उपयोग समयबद्ध ढंग से कराना सुनिश्चित करें ताकि गांवों में सफाई, जलनिकासी, सड़कों और अन्य मूलभूत सुविधाओं का लाभ जनता को मिले।
जिलाधिकारी ने ग्राम सचिवों को भी निर्देश दिए कि उन्हें अपनी पंचायत की प्रत्येक योजना की पूरी जानकारी होनी चाहिए और कार्यों की प्रगति पर नियमित निगरानी रखें। उन्होंने आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाले जनसुनवाई संदर्भों की विभागवार समीक्षा की और लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डिफाल्टर वाले विभागों को सचेत किया सबसे अधिक असंतुष फीडबैक विद्युत सिंचाई के मिले जिन्हें कार्य शैली सुधार करने के निर्देश दिए।
अंत में उन्होंने कहा कि विभागीय लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी शासन की प्राथमिकताओं को गंभीरता से लें और जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए समन्वित प्रयास करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी पंकज वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी नीरज कुमार श्रीवास्तव, विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

