
शाहपुर/भोजपुर(विशेष रिपोर्ट राकेश मंगल सिन्हा)10 मई। भोजपुर जिला के शाहपुर प्रखंड परिसर में पूर्व मुख्यमंत्री पं बिंदेश्वरी दूबे के नाम पर बने पं बिंदेश्वरी दूबे किसान सेवा सदन को प्रशासन द्वारा प्रखंड पंचायत राज (बीपीआरओ) कार्यालय बना दिया गया है।

प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई महान श्रमिक नेता, पूर्व मुख्यमंत्री तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री बिंदेश्वरी दूबे की बेइज्जती है। पंडित बिंदेश्वरी दूबे एक स्वतंत्रता सेनानी, श्रमिक नेता और राजनीतिज्ञ थे। वे बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वे लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।

प्रधानमंत्री राजीव गांधी के मंत्रिमंडल में वे केंद्रीय कानून, न्याय और श्रम मंत्री थे। वे बिहार सरकार में शिक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनका जन्म शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के महुऑव गांव में 14 जनवरी 1921 को हुआ था। उनका निधन 20 जनवरी 1993 को 72 वर्ष की आयु में हुआ। फरवरी-मार्च 1985 में हुए विधानसभा चुनाव में पंडित बिंदेश्वरी दूबे ने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और उसी साल वे बिहार के मुख्यमंत्री भी बने थे। वे शाहपुर के विधायक के साथ-साथ राज्य के मुख्यमंत्री भी थे। पंडित बिंदेश्वरी दूबे ने बिहार के 20वें मुख्यमंत्री का पदभार संभाला था। उनका कार्यकाल 12 मार्च 1985 से 13 फरवरी 1988 तक था। इस दौरान शाहपुर के विधायक और बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के विकास की लम्बी लकीर खींची। विकास की इस कड़ी में ही मुख्यमंत्री पंडित बिंदेश्वरी दूबे ने शाहपुर प्रखंड परिसर मे एक गेस्ट हाउस का निर्माण कराया । जिसका नामकरण पंडित बिंदेश्वरी दूबे किसान सेवा सदन किया गया।

पंडित बिंदेश्वरी दूबे किसान सेवा सदन शाहपुर का शिलान्यास तत्कालीन ग्रामीण विकास राज्यमंत्री सरजू प्रसाद उपाध्याय द्वारा 28 सितंबर 1985 को किया गया था। पंडित बिंदेश्वरी दूबे किसान सेवा सदन शाहपुर का उद्घाटन मुख्यमंत्री बिहार बिंदेश्वरी दूबे के द्वारा 6 जनवरी 1986 में किया गया था।

पंडित बिंदेश्वरी दूबे किसान सेवा सदन में बीच में एक हॉल है। हॉल के उत्तर और दक्षिण तरफ एक-एक कमरे बने हुए हैं। दोनों कमरों में एक-एक अटैच किचन और लैट्रिन बाथरूम बना हुआ था। समय के साथ उसमें बदलाव भी किया गया। पंडित बिंदेश्वरी दूबे किसान सेवा सदन का निर्माण गेस्ट हाउस के रूप में किया गया था। विधायक, सांसद या सरकारी पदाधिकारी उसमे आकर रुका करते थे। पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के के तिवारी तो हमेशा ही अपने दल बल के साथ पंडित बिंदेश्वरी दूबे किसान सेवा सदन में रुका करते थे। समय के साथ ही प्रशासन ने इसे कार्यालय में तब्दील कर दिया। शाहपुर विधायक राहुल तिवारी उर्फ मंटू तिवारी ने कहा कि हमें अपने धरोहर और स्मृति को संजो कर रखना चाहिए।

