RKTV NEWS/अरुण दिव्यांश,07 मई ।आज यानी 07 मई 2023 को हम देवऋषि नारद की जयंती मना रहे हैं। दुनिया में जहां भी हिंदू रहते हैं, वहां नारद की जयंती बड़े उत्साह के साथ मनाई जाती है। नारद जयंती शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के बाद और कृष्ण पक्ष के पहले दिन मनाई जाती है। हिंदू धर्म में नारद जयंती का विशेष महत्व है। नारद जयंती पर प्रस्तुत है मेरी काव्य रचना।
*नारद*
ब्रह्मापुत्र हरिप्रिय ,
देवर्षि कहलाए थे ।
देवलोक में रहकर ,
धरा धाम आए थे ।।
चुगली में माहिर तू ,
कलह तू कराए थे ।
अहंकारियों के तुम ,
छक्के भी छुड़ाए थे ।।
मोहग्रस्त हुए तुम ,
माया में उलझाए थे ।
अतिसुंदर लड़की देख ,
नारायण बन आए थे ।।
तन पाए थे नर किंतु ,
मुखड़ा बंदर पाए थे ।
सभा में उछल उछल ,
निज चेहरा दिखाए थे ।।
गणों ने अपमान किया ,
क्रोध में तमतमाए थे ।
पर में जब हरि मिले ,
अभिशाप बरसाए थे ।।
भूल का आभास हुआ ,
तब बहुत पछताए थे ।
हरि से की क्षमायाचना ,
हरि दया तब दिखाए थे ।।
नारद के अभिशाप को ,
हरि ने तब पूर्ण किया ।
नारद अहंकार को तब ,
हरि ने तब चूर्ण किया ।।
