
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 मई।जगजीवन कॉलेज, आरा के संस्कृत विभाग द्वारा विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन, स्टार्टअप सम्मान समारोह एवं रूसा द्वारा निर्मित ग्रंथागार-सह -वर्ग कक्ष का उद्घाटन कुलपति प्रो डॉक्टर शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी द्वारा किया गया। सर्वप्रथम प्राचार्य एवं शिक्षकों द्वारा कॉलेज परिसर में अवस्थित बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात पूर्वाह्न 11:00 बजे कुलपति प्रो डॉक्टर शैलेंद्र कुमार चतुर्वेदी के कर कमलों से रूसा द्वारा निर्मित नए भवन का उद्घाटन फिता काटकर एवं नारियल फोड़कर विधिवत किया गया। संस्कृत विभाग द्वारा आयोजित विशिष्ट व्याख्यान जिसका विषय “भारतीय ज्ञान परंपरा
क्रिया योग” था, जिसके मुख्य वक्ता कामाख्या नारायण प्रसाद थे। व्याख्यान की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा वैदिक मंगलाचरण के साथ हुआ ।इसके बाद आगत अतिथियों का स्वागत सह सम्मान अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। कॉलेज की छात्राओं द्वारा माननीय अतिथियों का स्वागत, स्वागत गान के साथ किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रोफेसर डॉक्टर आभा सिंह ने किया। अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में विषय प्रवेश कराते हुए उन्होंने आधुनिक जीवन में क्रिया योग की महत्ता को रेखांकित किया तथा भारत में क्रिया योग की एक समृद्ध एवं सुदीर्घ परंपरा पर प्रकाश डाला। जिसकी शुरुआत 19वीं शताब्दी में महावतार बाबा जी से हुई थी। मुख्य वक्ता कामाख्या नारायण प्रसाद ने क्रिया योग के स्वरूप एवं उसके बिस्तार पर सहज सरल एवं प्रभावी व्याख्यान दिया। स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग अध्यक्ष प्रो डॉ श्री प्रकाश राय ने योग के विभिन्न भेदों पर चर्चा की। मुख्य अतिथि कुलपति ने श्रीमद् भागवत गीता के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि हर सिक्के के दो पहलू होतें हैं, हमें ज्ञानयोग के साथ- साथ कर्मयोग पर भी ध्यान देना होगा, क्योंकि ज्ञान योगी समाज से कट जाता है जबकि कर्म योगी समाज में रहते हुए अपने लक्ष्य को पा लेता है और समाज के लिए मार्गदर्शन का कार्य करता है।
कार्यक्रम के अंत में जगजीवन कॉलेज स्टार्टअप सेल द्वारा स्टार्टअप फंड प्राप्त किए हुए 6 स्टार्टअप्स को माननीय कुलपति के द्वारा सम्मानित किया गया।
मंच संचालन संस्कृत विभाग के अध्यक्ष डॉ सत्येंद्र पांडे एवं धन्यवाद ज्ञापन मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ अजय कुमार ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्राकृतिक विभाग अध्यक्ष डॉ दूधनाथ चौधरी,दर्शन शास्त्र विभागाध्यक्ष, किस्मत कुमार सिंह, प्रोअवध बिहारी सिंह, डॉ धीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ भारत भूषण पांडे , पद्मश्री डॉ भीम सिंह भवेश, एवं पत्रकार राणा अमरेश कुमार, मुकेश कुमार, डॉ सुधांशु कुमार, कालेज के इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ राजीव नयन, डॉ शहाबुद्दीन , डॉ अमरेश कुमार,प्रो सिंधु कुमारी,प्रो चन्दन कुमार, जुली कुमारी, प्रो धर्मेंद्र कुमार शर्मा, प्रो अमृतलाल जायसवाल, डॉ नवारुण घोष ,डॉ असलम परवेज, डॉक्टर शहजाद अख्तर अंसारी, डॉक संजय कुमार चौबे, डॉ मनोज कुमार ,डॉ अंकिता मिश्रा, के अलावा अन्य शिक्षक शिक्षक शिक्षकेतर कर्मी एवम भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
