युद्ध नहीं,कुटनीति रणनीति के तहत वार्ता करे सरकार : माले
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)11 मई।साम्राज्यवाद विरोधी साझी शहादत साझी विरासत पर खड़े भारतीय राष्ट्रवाद के झंडे को बुलंद करते हुए आतंक-युद्धोन्माद व दमन के खिलाफ शांति-सौहार्द व न्याय के सवाल पर शनिवार को भाकपा-माले व अखिल भारतीय किसान महासभा ने संयुक्त रूप से स्थानीय पूर्वी गुमटी से मार्च निकाल शहर के विभिन्न मांगों से होते हुए रेलवे स्टेशन परिसर पहुंचकर सभा आयोजित की।उसके बाद 1857 के सभी वीर शहीदों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई!विदित हो कि 10 मई ही के दिन 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की पहली जंग की शुरूआत हुई!सभा को संबोधित करते भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव ने कहा कि पहलगाम में हुई आतंकी घटना अत्यंत दुखद है!अपराधियों को कठोरतम सज़ा दी जानी चाहिए!उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत लाना चाहिए, लेकिन इसके नाम पर युद्धोन्माद की कत्तई इजाजत नहीं दी जा सकती!हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भारत और पाकिस्तान दो परमाणु शक्ति संपन्न पड़ोसी हैं!दोनों देश के लोग एक और युद्ध का जोखिम नहीं उठा सकते!युद्ध उन्माद को नकारें, तनाव कम करें और स्थायी शांति का निर्माण करे! युद्ध का सबसे ज्यादा असर महिलाओं व बच्चों पर पड़ेगा!भारत सरकार को कूटनीतिक वार्ता के जरिए इसका हल निकालना चाहिए!कोई भी सभय समाज युद्ध का पक्ष नहीं ले सकता!
सभा को संबोधित करते हुए अगिआंव विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि यह दुर्भाग्यूपर्ण है कि खुद सरकार और भाजपा व आरएसएस के लोग इस विकट स्थिति में भी विपक्ष और सच के पक्ष में बोलने वाली आवाजों वैकल्पिक मीडिया समूह को टारगेट कर रहे हैं!जबकि दूसरी ओर,ऑपरेशन सिंदूर जैसे सैन्य अभियानों के नाम पर मेनस्ट्रीम मीडिया द्वारा युद्ध का वातावरण बनाया जा रहा है!इसपर तत्काल रोक लगानी चाहिए और युद्धोन्माद पैदा करने वाली ताकतों पर कड़ी कार्रवाई हो!
सभा को अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव व पूर्व विधायक चंद्रदीप सिंह ने कहा कि पहलगाम की घटना की आड़ में देश में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की साजिश रची गई!आतंकी घटना के शिकार नागरिकों की पत्नियों को ट्रोल किया जा रहा है और उनकी संवेदनाओं का मज़ाक उड़ाया जा रहा है!यह न सिर्फ अमानवीय है,बल्कि बेहद गलत परंपरा है. युद्ध से आतंक खत्म नहीं होगा!
भारत सरकार सीमा पर चौकसी बढ़ाए,अपनी विफलताओं को स्वीकार करे और तत्काल इस मसले का राजनीतिक समाधान निकाले!आम नागरिकों की हत्या का जश्न नहीं मनाया जा सकता,चाहे किसी तरफ के लोग मारे जाएं!भारत और पाकिस्तान की जनता की एक ही चाहत है – न युद्ध,न आतंकवाद!हमारे देश का राष्ट्रवाद साझी शहादत साझी विरासत पर खड़ा है, यही भारत की पहचान है!सभा का संचालन भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने किया!
मार्च में भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव जवाहरलाल सिंह,राज्य कमेटी सदस्य विजय ओझा,सुधीर कुमार सिंह,इंदू सिंह,उपेन्द्र भारती,शब्बीर कुमार,क्यामुद्दीन अंसारी,संगीता सिंह, दिलिप पासवान,बिष्णु ठाकुर,नंदाजी राम,अजय गांधी रामानुज जी,दुदुन सिंह,मिल्टन कुशवाहा, संतविलास राम,जय कुमार सिंह,रौशन कुशवाहा, कुणाल सिंह,मकबुल आलम,राजेश कुमार गुप्ता सहित कई लोग शामिल थे।

