
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)03 मई।भारतीय जनसंघ के प्रमुख संस्थापक नेता, पूर्व लोकसभा सांसद प्रो बलराज मधोक की नौवीं पुण्यतिथि पर अमीरचंद कोठी मार्ग पकड़ी में श्रद्धांजलि-सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता अखिल भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य डॉ भारतभूषण पाण्डेय ने की। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए आचार्य भारतभूषण पाण्डेय ने कहा कि प्रो बलराज मधोक ने परतंत्र भारत की दुर्दशा से संघर्ष किया और स्वतंत्र भारत की राजनीति को अपेक्षित दिशा दी और प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि प्रो मधोक राष्ट्रवाद के प्रखर प्रवक्ता,विचारक और स्पष्टवादी-यथार्थवादी सांसद के रूप में विख्यात थे। भारतीय राजनीति के जाज्वल्यमान नक्षत्र के रूप में तथा भारतीय हितों के प्रहरी के रूप में उनका योगदान अप्रतिम है। आचार्य ने कहा कि प्रो मधोक के नेतृत्व में ही जनसंघ को संसद में सर्वाधिक स्थान मिले थे और कई प्रदेशों में उसे कांग्रेस के बाद द्वितीय दल के रूप में मान्यता मिली। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर की नीति तैयार करनेवाले और पाकिस्तानी सेना से श्रीनगर की रक्षा करनेवाले बलराज मधोक जी ने ही अयोध्या, मथुरा और काशी के श्रद्धास्थलों की मुक्ति व शुद्धि का मुद्दा सबसे पहले 1961 में लोकसभा में उठाया था जिसने भारतीय राजनीति की दिशा और स्वरूप में परिवर्तन कर दिया तथा उसका सीधा प्रभाव समाज को एकजूट रखने में दिखाई दिया। जनसंघ अध्यक्ष ने कहा कि प्रो बलराज मधोक जी ने भविष्यवाणी की थी कि आतंकवाद का सफाया करने के लिए पाकिस्तान से निर्णायक युद्ध करना होगा, वह आज सत्य सिद्ध करने का समय आ गया है।
प्रो मधोक जी को श्रद्धांजलि देते हुए समाजसेवी शिवदास सिंह और रंग जी सिंह ने कहा कि समाज में शास्त्र की रक्षा के लिए शस्त्र का संचालन आवश्यक है। सभी शास्त्रों में दिव्यास्त्रों का प्रयोग का वर्णन किया हुआ है। रंग जी सिंह ने कहा कि पर्यटकों के पास भी हथियार होना चाहिए और इजरायल की तरह भारतीय नागरिकों को भी सैन्य प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। स्वागत भाषण श्रीप्रकाश ओझा, संचालन मधेश्वर नाथ पाण्डेय और धन्यवाद ज्ञापन सुरेन्द्र सिन्हा ने किया।
