
RKTV NEWS/रांची ( झारखंड)27 अप्रैल। शुक्रवार को छत्रपति साहू जी महाराज के हिंदी विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय -अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर हिंदी की दशा एवं दिशा विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे अंग्रेजी के प्राध्यापक एवं भाषा संकाय के निर्देशक डा सर्वेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी हमारी मातृभाषा है।जिसे अपनी मातृ-भाषा,माता और मातृभूमि से प्रेम नहीं है,उसका भविष्य उज्जवल नहीं है। हिंदी अब केवल राष्ट्रीय क्षितिज पर ही नहीं, अपितु विश्व पटल पर अपना परचम फहरा रही है। विश्व के अनेक देश हिंदी को अपनाने के लिए लालायित हैं। हिंदी विश्व की तीसरी बड़ी भाषा है।वह दिन दूर नहीं जब यह संयुक्त राष्ट्र संघ की अधिकारिक भाषा बनेगी।हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए अब तक 12 विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं। हमें अपनी हिंदी पर नाज और ताज है। हम हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए कृत संकल्पित है। हिंदी में काम करना गौरव की बात है। हिंदी सरल और सहज भाषा है इसे अपना चाहिए। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता रांची विश्वविद्यालय के पूर्व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ जंग बहादुर पाण्डेय ने कहा कि भाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं है, अपितु यह हमारी अस्मिता का बोधक है। हिंदी भारत मां की बिंदी है।
कोटि-कोटि कंठों की भाषा,
जन मन की मुखरित अभिलाषा।
हिंदी है पहचान हमारी,
हिंदी हम सबकी परिभाषा।
डा पाण्डेय ने सुंदर कार्यक्रम के लिए डा सर्वेश मणि त्रिपाठी एवं डा प्रकाश मिश्र को सुंदर काण्ड की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। विद्यार्थियों तथा शिक्षको ने डा पाण्डेय के सारगर्भित व्याख्यान की भूरिश: प्रशंसा की।
आगत अतिथियों का भव्य स्वागत हिंदी विभाग के विद्वान अध्यक्ष डा श्रीप्रकाश मिश्र ने समवेत सरस्वती वंदना हिंदी विभाग की छात्रा गण स्नेहा गौतम,दीपिका सिंह, अस्मिता यादव,दीक्षा शर्मा,हेमलता चंद्रा एवं अंजू जी ने,संचालन शिवम् वाजपेयी एवं मोहिनीश त्रिपाठी ने , व्यवस्था ऋतेश कुमार ने,फोटो ग्राफी मयंक श्रीवास्तव ने और धन्यवाद ज्ञापन पार्थ सारथी मिश्र ने किया। राष्ट्रगान के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।
