
RKTV NEWS/लखीसराय (बिहार)23 अप्रैल।राज्य के लगभग सभी प्रखंडो के गांव-गांव में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण , स्वावलंबन एवं जिम्मेवारी का एहसास दिला रहा है।कार्यक्रम में शिरकत कर रही महिलाएं राज्य में महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन के क्षेत्र में हुए कार्यों की बानगी पेश कर रही हैं l वो बता रही हैं कि पिछले 20 वर्षों में राज्य की आधी आबादी अब कुशल नेत्रित्वकर्ता के तौर पर राज्य के विकास में अहम् भूमिका अदा कर रही हैं l साथ ही वो अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति सजग हुई हैं और राज्य सरकर की योजनाओं का लाभ लेते हुए अपने परिवार को खुशहाल बना रही हैं l यह सब महिला संवाद कार्यक्रम में प्रदर्शित है।
महिला संवाद कार्यक्रम बिहार सरकार का एक बड़ा इवेंट है जिसे जीविका अपने ग्राम संगठनो के माध्यम राज्य के सभी प्रखंडों में क्रमशःआयोजित कर रही हैं l
लखीसराय जिला के 7 में से 5 प्रखंड में पिछले 18 अप्रैल से महिला संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है l जिला में 548 ग्राम संगठन के माध्यम से पंचायत स्तर पर गठित आयोजन दल महिला संवाद कार्यक्रम प्रतिदिन सुबह में एवं शाम में आयोजित कर रहा है l इस आयोजन में जीविका दीदियाँ हीं मूल रूप से शामिल है l आयोजन दल में वैसी महिलाएं हैं जिनकी पहचान कुशल आयोजक एवं नेत्रित्वकर्ता के तौर पर ह।महिलाएं अपने जीवन में आये बदलाव को बयां कर रही हैं। साथ ही साथ वे अपने गांव के विकास की नई तस्वीर भी खींच रही हैं।
बुधवार को लखीसराय जिला के 5 विभिन्न प्रखंडों में 10 जीविका महिला ग्राम संगठनों में महिला संवाद का आयोजन किया गया। इसमें जीविका दीदियों के अलावा गांव की वो महिलाएं भी शिरकत की l ये वो महिलाएं हैं जिन्होंने राज्य सरकार की योजनाओं से लाभ लेकर अपने जीवन में बदलाव लाया है l इन महिलाओं को महिला संवाद कार्यक्रम में विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया है l इसमें हिस्सा लेने वाली महिलाओं ने उनके जीवन में आए व्यापक बदलाव के बारे में सभी को बता रही हैं साथ ही योजनाओं का लाभ लेने की प्रक्रिया भी बता रही हैं l वो बता रही हैं कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर वे अपने परिवार को किस प्रकार सशक्त और मजबूत कर रही है।
महिला संवाद कार्यक्रम में आई महिलाओं ने कहा कि बिहार सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए बेहतर कार्य किया है l अब उनके सपने साकार हो रहे हैं और उनके बेटा-बेटियों का भविष्य भी उज्जवल है l बेटियां सड़कों पर सरपट साईकिल चला रही हैं, बेटा नौकरी, व्यापर एवं उद्योग-धंधा के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं और उनकी नौकरी लग रही है l
जीविका दीदियाँ बता रही हैं कि उनके पति अब परदेश से लौट आये हैं वो स्वयं सहायता समूह से मिले ऋण और सहयोग से स्वरोजगार कर रहे हैं l कार्यक्रम की अगली कड़ी में महिलाएं गाँव के विकास के लिए नई योजनाओं के संचालन एवं पुराने योजनाओं में संशोधन की मांग कर रही हैं l नीति निर्माण को लेकर महिला से संवाद किए जा रहे हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बिहार एक नया अध्याय लिख सके। बालगुदर गाँव की गुलनाज प्रवीण ने बताया की स्वयं सहायता समूह से मिले ऋण एवं प्रशिक्षण की बदौलत अगरबत्ती निर्माण लघु उद्योग चला रही हैं l उनकी पहचान अब कुशल उद्यमी के तौर पर है l स्कूल और कॉलेज की छात्राएं भी सरकर से मिले साईकिल , पोशाक एवं छात्रवृति योजना की तारीफ कर रही हैं l
योजनाओ की सफलता पर आधारित 3 फिल्मे भी दिखाई जा रही हैं। जो उपस्थित महिलाओं को योजनाओं से लाभ लेने के लिए प्रेरित कर रहा है l
