
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)18 अप्रैल।आज शुक्रवार को अखिल भारतीय साहित्य परिषद के तत्वावधान में 4:00 बजे संध्या से 6:00 बजे संध्या तक प्रो बलराज ठाकुर ,प्रो नंद जी दुबे एवं डॉ रेनू मिश्रा की संयुक्त अध्यक्षता में महेंद्र सिंह प्रभाकर की पुण्यतिथि के अवसर पर साहित्य में भारतबोध विषय पर विद्वत संगोष्ठी सह कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। महेंद्र सिंह प्रभाकर के तेैल चित्र पर सभी आगत विद्वानों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए और सभा की कार्यवाही प्रारंभ की गई! इस अवसर पर अलख अनाड़ी को कवि रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया।
अपने वक्तव्य में डॉ रविंद्र शाहाबादी ने अपने पिता महेंद्र सिंह प्रभाकर के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला एवं उनके गांव से आए हुए अन्य मानस जनों ने भी उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। प्रो बलराज ठाकुर ने कहा कि जहां संस्कार है, जहां सदाचार है,जहां प्रेम है वहीं भारतीयता है वहीं भारत बोध है! प्रो नंद जी दुबे ने कहा कि जहां चरित्र का सम्मान होता है,जहां ज्ञान की प्रतिष्ठा होती है वहीं भारतीयता है।प्रो नथुनी पांडे ने कहा कि जहां सत्पुरुषों, महापुरुषों का सम्मान होता है वहीं भारतीयता है वहीं भारत बोध है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग संघ चालक प्रो ओम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि जहां अनेकता में एकता है जहां ईश्वर के प्रति समर्पण हे, जहां भारत माता के प्रति भक्ति है वहीं भारत बोध है। डॉक्टर रेनू मिश्रा ने कहा कि जहां नंम्रता है,आचरण की निर्मलता है वहीं भारत बोध है। रमेश सिंह रामप्रपन्न ने कहा कि जहां अमृत है,यहां देव संस्कृति है वहीं भारत बोध वहीं भारतीयता है।
काव्य पाठ में भाग लेने वालों में डॉ भानु प्रताप सिंह, डॉ कमल सिंह’अमोरजा’, सुरेंद्र सिंह अंशु,जन्मेजय ओझा ,मनोज कुमार मनमौजी, डॉ नथुनी पांडे, कुमार अजय सिंह, चंद्रशेखर मिश्रा,डॉ शीलभद्र, रमेश सिंह’ रामप्रपन्न, जीवन प्रकाश, विकास कुमार पांडे ,सुनील सुगंध, शरद सिंह,तपन सिंह ,अजय गुप्ता अज्ञानी आदि ने अपने काव्य पाठ से सभा को सफलतापूर्वक संपन्न किया।
