पुरानी पेंशन के लिए संघर्ष तेज करने,संविदा- आउटसोर्स – मौसमी दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के हक के लिए संघर्ष तेज करने , शिक्षकों को एक पदनाम देने, नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों के लिए संघर्ष तेज करने के निर्णय के साथ 23 वां राज्य सम्मेलन सम्पन्न।

जनविरोधी नीति व कर्मचारी विरोधी नीति, चार श्रम सहिंता, एनपीएस -यूपीएस को रद्द करने जैसे मांगों के लिए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा 20 मई को निर्धारित राष्ट्रीय हड़ताल को सक्रिय सहयोग व समर्थन करने का प्रस्ताव पारित।
RKTV NEWS/बक्सर ( बिहार)12 अप्रैल।बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) का बक्सर के नगर भवन में तीन दिवसीय 23 वां राज्य सम्मेलन में विभिन्न जिलों एवं सम्बद्ध संघ – यूनियन के 50 से भी अधिक प्रतिनिधियों – प्रेक्षकों ने तीन दिनों में कर्मचारियों-शिक्षकों के समस्याओं पर विस्तार से विचार रखा एवं अंत में नयी राज्य कमिटी का गठन किया जिसमें निरंजन कुमार सिन्हा -अध्यक्ष, प्रेमचंद कुमार सिन्हा- महासचिव तथा लवकुश सिंह -राज्य सचिव, नितेश आनंद कोषाध्यक्ष निर्वाचित हुए।उनके अलावे पांच उपाध्यक्ष, पांच राज्य सचिव,मुख्य संरक्षक, सम्मानित अध्यक्ष, छह सदस्यीय सलाहकार मण्डल, दो सदस्यीय संघर्ष कोष पर्षद, निर्वाचित किये गये l
इस अवसर पर महासंघ(गोप गुट) के महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा एवं राज्य सचिव लवकुश सिंह ने बताया कि आज 12अप्रैल को महासचिव एवं कोषाध्यक्ष के प्रतिवेदन पर प्रतिनिधि – प्रेक्षक के विचार रखने के बाद राज्य कमिटी के कई वरीय नेताओं यथा – रामबली प्रसाद, महेंद्र राय, जियालाल प्रसाद, नागेंद्र सिंह,शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, उमेश कुमार सुमन, भूपेंद्र कुमार लाल, उमेश शर्मा, सूर्यवंशी सिंह आदि ने बात रखा।उसके बाद महासचिव एवं कोषाध्यक्ष द्वारा तीन दिनों तक हुयी बहस पर जवाब देते अपनी बात रखा गया l उसके बाद पुरानी कमिटी को भंग किया गया एवं तीन सदस्यों की चुनाव कमिटी (माधव प्रसाद सिंह, ललन सिंह एवं अभय कुमार पाण्डेय) गठित की गयी, उनके देख रेख में अगले सत्र के लिए चुनाव सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में नव निर्वाचित पदाधिकारियों को अंग वस्त्र देकर एवं पुष्प का माला पहनाकर सम्मानित किया गया।
इसके पूर्व राज्य सम्मेलन के प्रतिनिधि सत्र के तीसरे दिन
चार विषयों पर प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें *जनविरोधी नीति व कर्मचारी विरोधी नीति, चार श्रम सहिंता, एनपीएस -यूपीएस को रद्द करने जैसे मांगों के लिए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा 20 मई को निर्धारित राष्ट्रीय हड़ताल को सक्रिय सहयोग व समर्थन करने,पुरानी पेंशन के लिए संघर्ष तेज करने,संविदा- आउटसोर्स – मौसमी दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के हक के लिए संघर्ष तेज करने , शिक्षकों को एक पदनाम देने, नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों के लिए संघर्ष तेज करने, राज्य में पुलिस अपराधी माफिया गठजोड़ की निंदा करते हुए इसे खत्म करने एवं फिलिस्तीन – गाजा पट्टी में किये जा रहे जन संहार और मोदी सरकार की चुपी की निंदा करते हुए अविलम्ब रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया।
तत्पश्चात अगले सत्र के लिए नई कमिटी का गठन सर्वसम्मति से किया गया जो निम्नवत है- मुख्य संरक्षक -महेंद्र राय, सम्मानित अध्यक्ष- रामबली प्रसाद,निरंजन कुमार सिन्हा -अध्यक्ष, प्रेमचंद कुमार सिन्हा- महासचिव, नितेश आनंद – कोषाध्यक्ष के अलावे पांच उपाध्यक्ष – नागेंद्र सिंह, सैयद मोहम्मद नज्जमी, अरुण कुमार सिंह, फकरुद्दीन अली अहमद, कविता कुमारी,पांच राज्य सचिव – उमेश कुमार सुमन, लवकुश सिंह, गोपाल पासवान,रंजन कुमार, सुशील कुमार चतुर्वेदी, मेहनतकश आवाम पत्रिका के प्रबंध संपादक – मनोज कुमार यादव,छः सदस्यीय सलाहकार मण्डल – जियालाल प्रसाद, माधव प्रसाद सिंह, शत्रुघ्न प्रसाद सिंह, सुभाषचंद्र सिंह, भूपेंद्र कुमार लाल, उमेश शर्मा को निर्वाचित किया गया l

