
कोईलवर/भोजपुर (अश्वनी कुमार पिंटू ) 30 सितंबर।बक्सर से पटना जंक्शन के बीच शुरू की गई नई फास्ट पैसेंजर ट्रेन को लेकर कोईलवर क्षेत्र में रोष गहराता जा रहा है। ट्रेन का स्टॉपेज कोईलवर स्टेशन पर नहीं देने से ग्रामीणों सहित दैनिक यात्रियों में तीखी नाराज़गी है। लोगों का कहना है कि रेलवे ने एक बार फिर कोईलवर के साथ सौतेला व्यवहार किया है।
यात्रियों ने बताया कि बिहार की एकमात्र मानसिक आरोग्यशाला कोईलवर में स्थित है। ऐसे में कोईलवर में फास्ट पैसेंजर ट्रेन का ठहराव नहीं देना समझ से परे है। मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के लिए आना-जाना होता है, लेकिन स्टॉपेज न होने से उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी होगी।
स्टेशन की बदहाल व्यवस्था पर भी आक्रोश
स्थानीय लोगों ने कोईलवर स्टेशन की जर्जर स्थिति पर भी सवाल उठाए। यात्रियों का कहना है कि स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है
अंग्रेज़ों के समय का पुराना शेड अब भी जस का तस है।बारिश और धूप में यात्री पेड़ के नीचे या शेड से बाहर बैठने को मजबूर हैं।
फुट ओवर ब्रिज नहीं होने से लोग जान जोखिम में डालकर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर पटरियां पार करते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
यात्रियों का कहना है कि कोईलवर स्टेशन से रोज़ाना हजारों लोग पटना और बक्सर की ओर यात्रा करते हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन की नजर यहां की समस्याओं पर नहीं जाती। वर्षों से स्टेशन के आधुनिकीकरण की मांग उठती रही है, मगर नतीजा आज तक शून्य है।
आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेताया है कि अगर जल्द ही इस ट्रेन का ठहराव कोईलवर में सुनिश्चित नहीं किया गया और स्टेशन की सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। लोगों ने कहा कि कोईलवर की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सामूहिक रूप से विरोध दर्ज कराया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि कोईलवर स्टेशन को उसका अधिकार मिल सके और यात्रियों की मुश्किलें कम हों।
