
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 अप्रैल। शुक्रवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय बामपाली अंचल उदवंतनगर में महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। सर्वप्रथम महात्मा ज्योतिबा फूले के चित्र पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ.मनोज कुमार गुप्ता ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया तत्पश्चात विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने भी उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
इस अवसर पर छात्र छात्राओं ने महात्मा ज्योतिबा फुले के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे एक महान समाज सुधारक,विचारक और लेखक थे।उनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था उनके पिता का नाम गोविंद राव फुले तथा माता का नाम चिमना बाई फूले था। ज्योतिबा फूले उनके सबसे छोटे बेटे थे। ज्योतिबा फूले ने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फूले को घर पर ही शिक्षित किया जो आगे चलकर एक प्रसिद्ध समाज सेवी बनी। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए पुरजोर वकालत की और 1848 में भारत में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक हरीश कुमार,संजय कुमार,कमलेश कुमार,शिक्षा सेवक अमन कुमार आदि उपस्थित थे।
