
बक्सर/ बिहार (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 अप्रैल।पूज्य जीयरस्वामीजीके कृपा पात्र ब्रह्मपुरपीठाधीश्वर आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने श्री त्रिदण्डी स्वामी सेवा आश्रम ब्रह्मपुरधाम मे आयोजित मानस महोत्सव मे पुष्पवाटिका की कथा क्रम में कहा कि श्री बाल्मीकि जी रामायण मे वर्णित अधूरे पुष्पवाटिका प्रसंग को पूरा करने हेतु ही श्रीतुलसी के रूप मे अवतरित हो श्री रामचरित मानस बालकाण्ड मे पुष्पवाटिका की दिव्य कथा को शतक चौपाई ,दोहा,छंद,सौरठा में वर्णित कर अनेक अच्छूते पहलुओं को प्रकाशित कर भक्तों को अनमोल मुक्ति का साधन प्रदान किया। पुष्पवाटिका श्रीमानस जी की आत्मा है।श्रीसंप्रदाय व सखी संप्रदाय के लिए सर्वस्व धन है।यह साधना भी हैऔर सिद्धि भी। . पुष्पवाटिका की कथा कहते हुए आचार्य धर्मेन्द्र जी महाराज ने बक्सर वाले खाकी बाबा सरकार और मामजी के जीवन प्रसंग व साधना को कहतेहुए भावुक होगये और स्रोतावृन्द की आँखें गीली होगयी।। आचार्य जी ने श्रीराम सीता ,जनकजी,सत्तानंदजी,विश्वामित्र ,मालीगन,पुष्पवाटिका , सुनैना ,परशुरामजी आदि का तात्विक व परमार्थिक वर्णन किया जिसे सुन भक्त अहल्लादित होते रहे। मानस महोत्सव को सफल बनाने मे शिवशक्ति पीठम् व गौरीशंकर विवाह महोत्सव के कार्यकर्ता सदा तत्पर रहते है,भक्तों हेतु अवश्य क सुविधा प्रदान कर रहे है।
