
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)23 मार्च।बैकुंठवासी तपोनिष्ठ संत श्री त्रिदंडी स्वामी जी महाराज के 37 वे पुण्य स्मृति में श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, सोनवर्षा,चरपोखरी(भोजपुर) में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन अनंत विभूषित कथा ब्यास रंगनाथाचार्य जी महाराज का व्यासपीठ पर विधिवत रूप से पूजन आरती की गई उसके बाद दिव्य प्रवचन के माध्यम से आचार्य श्री ने कहा कि संसार से आशा टूटने के बाद ही जीव को परमात्मा पर भरोसा होता है क्योंकि उसके पास कोई चारा नही होता है और हर थक मनुष्य भगवान के चरण में जाता है और भगवान के कृपा मात्रा से इंसान के जीवन में जीव यस अपयश से मुक्त हो जाता है।वही अपने दिव्य प्रवचन कथा के माध्यम से महाराज जी ने बड़ा ही सुंदर भगवान नटखट गोपाल श्री कृष्ण जी के मनहर बाल लीला के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान गिरघर गोपाल ने अपने बाल शाखाओं के माध्यम से खूब लीला किया है तभी तो उनके द्वारा पूरे नंदगांव में चर्चे आज भी होते है उनकी लीलाएं अपरंपार है वही दिव्य प्रवचन में अयोध्या से चल कर आए रामानन्द दास(रामायणी जी महाराज)की मंगलमयी उपस्थिति हुईं।प्रवचन के माध्यम से महाराज जी ने कहा कि भगवत कथा के माध्यम से जीवन धन्य होता है वही दान करने वाले के समान दुनिया में कोई नहीं है दान कोई भी हो बड़ा होता है इश्लिये इंसान को धर्म के काम मे बढ चढ़कर हिसा लेना चाहिए इससे मनुष्य का जीवन धन्य होता है वही आज के कथा मंडप में श्रद्धालु भक्तों की भारी भीड़ लगी हुई थी। आसपास के दर्जनों गॉव के हजारों लोग कथा में पहुंचे थे वही इस कथा का भव्य भंडारे एवं पूर्णाहुति के साथ विधिवत समापन होगा इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी चंदन कुमार ने दी है वही अंतिम दिन 10 हजार से ज्यादा लोगो के लिए लड्डू का प्रसाद बनाया जा रहा है जिसका वितरण श्रद्धालु भक्तों के बीच किया जाएगा।आयोजन में आसपास के गांव के लोगो का भरपूर सहयोग मिल रहा है
