
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)22 मार्च।महाराजा कॉलेज, पी.जी. भूगोल विभाग और सामाजिक संस्था “नई आशा” के सहयोग से उदवंतनगर प्रखंड के चैराई गाँव, में मुसहर समुदाय के पाँच दिवसीय सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के चैथे दिन, 23 स्नातकोत्तर छात्र और संकाय सदस्य ने सर्वेक्षण किए। सभी घरों का दोबारा निरीक्षण कर डेटा सत्यापन और विसंगतियों की पुष्टि करने में जुटे। छात्रों ने सर्वेक्षण किए गए घरों और अनुसंधान दल की तस्वीरों का दस्तावेजीकरण भी किया, ताकि सर्वेक्षण रिपोर्ट अधिक प्रमाणिक और सटीक बन सके। इस दरम्यान कई परिवारों का धर्म परिवर्तन की राह पकड़ने की भी जानकारी प्राप्त हुई। पद्मश्री डाॅ भीम सिंह भवेश ने संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों से मुसहर समुदाय द्वारा झेली जा रही प्रमुख सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। भूगोल विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार, डाॅ अरविंद कुमार सिंह एवं कमलेश कुमार सिंह ने सर्वेक्षण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने पर छात्रों और संकाय सदस्यों को बधाई दी। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. द्वीपिका शेखर सिंह ने कहा कि सख्त डेटा सत्यापन प्रक्रिया से सर्वेक्षण की सटीकता सुनिश्चित होगी और यह शोध न केवल अकादमिक जगत बल्कि नीति निर्माण के लिए भी अत्यंत उपयोगी साबित होगा। ‘नई आशा‘ एनजीओ के संरक्षक पद्मश्री डाॅ भवेश ने छात्रों और संकाय सदस्यों की ईमानदारी और प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने व्यवस्थित और त्रुटिहीन सर्वेक्षण करने के लिए टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इस सर्वेक्षण को वंचित समुदायों के वास्तविक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। अब जब डेटा संग्रह और सत्यापन कार्य पूरा हो चुका है तो इंटर्नशिप के अंतिम दिन डेटा विश्लेषण और सर्वेक्षण रिपोर्ट तैयार करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। यह रिपोर्ट प्रशासन, विश्वविद्यालय और एनजीओ प्रतिनिधियों को सौंपी जाएगी। यह पहल एक महत्वपूर्ण अकादमिक और सामाजिक हस्तक्षेप के रूप में उभर रही है, जो यह दर्शाती है कि शोध समाज के सार्थक विकास के लिए एक उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकता है।
