
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 मार्च।श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर,सोनवर्षा,चरपोखरी भोजपुर में श्रीमद्भागवत कथा का धार्मिक आयोजन चल रहा है जहां प्रवचन सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग हर रोज पहुंच रहे है ।भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन अनंत विभूषित कथा ब्यास रंगनाथाचार्य जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य के जीवन के प्रथम देवी-देवता माता-पिता ही होते है। जिन्होंने माता-पिता की सेवा नहीं की उनका जीवन व्यर्थ हो जाता है।जिस मानव में संस्कार नहीं होते वे मनुष्य तन पाकर भी पशु के समान ही होते है। इसलिए माता पिता की सेवा सबसे जरूरी है ।भागवत कथा जीवन जीने का मूल है आधार स्तम्भ है
महाराज जी ने सृष्टि की उत्पति का बड़े सुंदर मनमोहक प्रसंग सुनाया।दिव्य प्रवचन सुनने के लिए श्रद्धालु श्रोताओं से कथा मंडप भरा हुआ था। कथा ज्ञान यज्ञ में हर रोज ब्यास पीठ की आरती के बाद श्रद्धालु भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया जाता है। वही हर रोज मंदिर प्रांगण में भंडारे का भी प्रसाद लोग ग्रहण करते है इस मौके पर मठिया को काफी सुंदर तरीक़े से सजाया गया है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी चंदन कुमार
द्वारा दी गई।
