
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)21 मार्च। महाराजा कॉलेज, आरा के पीजी भूगोल विभाग द्वारा आयोजित मुसहर समुदाय के सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के तीसरे दिन का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हुआ। यह 5-दिवसीय इंटर्नशिप कार्यक्रम प्रतिष्ठित एनजीओ ‘नई आशा‘ के सहयोग से संचालित किया जा रहा है, जिसमें 23 स्नातकोत्तर छात्र एवं 8 एनएसएस स्वयं सेवक भाग ले रहे हैं। टीम ने 134 घरों का सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। आज सर्वेक्षण के दरम्यान पाया गया कि सरकारी योजनाओं (ओडीएफ, आवास योजना, मनरेगा, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आई कार्ड एवं उज्ज्वला योजना) के लाभ से वहां के अधिकांश परिवार वंचित हैं। पूरे टोला में एक भी घर ऐसा नहीं जिसे पूर्ण कहा जा सकता है। ग्रामीणों को निर्धारित मात्रा से काफी कम राशन और न्यूनतम वेतन से कम मजदूरी मिल रही है। आधार कार्ड एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज के अभाव में वे सरकारी लाभों से वंचित रह जाते हैं। बाल विवाह अभी भी समुदाय में एक सामान्य प्रथा बनी हुई है, जो बच्चों की शिक्षा और सामाजिक विकास को प्रभावित कर रही है। आज आधार कार्ड शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 15 बच्चों का अधार कार्ड बना। यह पहल वहां के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. द्वीपिका शेखर सिंह, डॉ. अरविंद कुमार सिंह और शोधार्थी सोनी कुमारी की उपस्थिति में एक चर्चा सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। गाँव में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. संजय कुमार ने लगातार प्रेरित करते हुए सर्वेक्षण की प्रगति पर नजर बनाए रखी। नई आशा के संरक्षक डाॅ भीम सिंह भवेश के नेतृत्व में वहां विशेष सफाई अभियान आयोजित किया गया और लंबे समय से बंद नल-जल को शुरू कराया गया। आरा सुधा डेयरी ने सर्वेक्षण दल के प्रतिभागियों के लिए जलपान की व्यवस्था की, जिससे छात्रों का उत्साह बढ़ा। समुदाय की आर्थिक स्थिति, बैंकिंग सुविधाओं और रोजगार अवसरों पर विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए एक शैक्षणिक अनुभव है, बल्कि समुदाय के वास्तविक समस्याओं को उजागर करने और उनके समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।
