RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

यह तो है मृत्यु लोक रे !

रचनाकार: धर्मदेव सिंह

यह तो है मृत्यु लोक रे

यह नहीं स्वर्ग लोक रे
यह तो है मृत्यु लोक रे
जो जो यहाँ आता
मर मर जाता रे।

जीने के लिए यहाँ
लाख करे कोई कामना
लाख करे कोई दुआ
बच नहीं कोई पाता रे
यह तो है मृत्यु लोक रे ।

दिन रैन यहाँ
जानेवालों की
रेलवे टिकट काउंटर सम
लगी रहती
कतार लम्बी रे
क्योंकि यह स्वर्ग लोक नहीं
यह तो है मृत्यु लोक रे।

Related posts

सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की साजिश का हिस्सा है औरंगजेब पर हमला।

rktvnews

उत्तर प्रदेश:मुख्यमंत्री ने बहराइच में मानव-वन्य जीव संघर्ष में मृतकों तथा घायलों के परिवारों के साथ भेंट की।

rktvnews

जनहित के लिए काम करें मुख्यमंत्री चम्पई सोरेन जी : बाबूलाल मरांडी

rktvnews

भोजपुर: महाकुंभ के मद्देनजर वरीय अधिकारियों ने किया आरा जंक्शन का दौरा।

rktvnews

दरभंगा:राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर न्यायिक अधिकारियों के साथ हुई बैठक।

rktvnews

भोजपुर:आरा पीएससी का एसीएमओ डा के एन सिन्हा ने किया औचक निरीक्षण।

rktvnews

Leave a Comment