जर्जर स्कूल भवन की छत गिरने के खिलाफ फूटा गुस्सा, AISA-RYA के नेतृत्व में सड़क पर लगा स्कूल; 6 घंटे से अधिक रहा सड़क जाम।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर )5 अक्टूबर।आरा के श्रीनगर स्थित सरकारी विद्यालय के जर्जर भवन की छत गिरने और विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के खिलाफ सोमवार को ग्रामीणों, छात्रों और अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन (RYA) के संयुक्त नेतृत्व में स्थानीय लोगों और छात्रों ने मुख्य सड़क पर टेंट लगाकर वहीं स्कूल शुरू कर दिया।
सड़क पर लगे इस अनोखे स्कूल की शुरुआत बाकायदा स्कूल की घंटी बजाकर की गई। इसके बाद प्रार्थना हुई और फिर सड़क पर ही कक्षाओं का संचालन शुरू हुआ। छात्रों ने सड़क पर बैठकर पढ़ाई की और हाथों में तख्तियां लेकर प्रशासन से सुरक्षित स्कूल भवन उपलब्ध कराने की मांग की।
आंदोलन के कारण मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और 6 घंटे से अधिक समय तक आवागमन बाधित रहा। आंदोलनकारियों का कहना था कि जब तक जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) और प्रशासन की ओर से लिखित रूप में ठोस आश्वासन तथा नए स्कूल भवन के निर्माण की समय-सीमा तय नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलनकारियों ने मांग की कि जर्जर भवन को तत्काल सुरक्षित तरीके से हटाकर वहां नए एवं सुरक्षित स्कूल भवन का निर्माण कराया जाए तथा विद्यालय में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
आंदोलन के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) द्वारा मौके पर लिखित आश्वासन दिया गया तथा नए स्कूल भवन के निर्माण और त्वरित कार्रवाई के संबंध में लिखित आदेश जारी किया गया। इसके बाद आंदोलनकारियों ने प्रशासन को आगे की कार्रवाई के लिए समय देने की बात कही।
माले राज्य कमिटी सदस्य क्युमुद्दीन अंसारी ने कहा कि यह घटना बिहार सरकार के शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावों की वास्तविकता को सामने लाती है। उन्होंने कहा, “भोजपुर के जिला शिक्षा पदाधिकारी एयर-कंडीशनर कमरों में बैठकर सिर्फ कागजों पर स्कूल चला रहे हैं, जबकि जमीन पर स्कूल मौत के कुएं बन चुके हैं। जर्जर भवन की शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन DEO कार्यालय गहरी नींद में सोया रहा। प्रशासन शायद किसी मासूम बच्चे की जान जाने का इंतजार कर रहा था। इस पूरी लापरवाही के लिए भोजपुर DEO और उनका पूरा महकमा जिम्मेदार है।”
भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य राजू यादव ने कहा, “श्रीनगर विद्यालय की छत का इस तरह गिरना बेहद गंभीर मामला है। यह तो गनीमत रही कि उस वक्त कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई, वरना कई घरों के चिराग बुझ सकते थे। बिहार सरकार एक तरफ मॉडल स्कूल और बड़ी-बड़ी व्यवस्थाओं का ढोल पीटती है, वहीं दूसरी तरफ गरीब बच्चों के सिर पर सुरक्षित छत तक नहीं है। भोजपुर DEO और बिहार का शिक्षा विभाग पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है। हम मांग करते हैं कि जर्जर ढांचे को तत्काल हटाया जाए और लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।”
भाकपा-माले नेता एवं अगिआंव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन ने कहा, “संविधान देश के हर बच्चे को बेहतर और सुरक्षित माहौल में शिक्षा पाने का अधिकार देता है। लेकिन श्रीनगर के इस विद्यालय की बदहाली यह दिखाती है कि बिहार सरकार और जिला शिक्षा पदाधिकारी गरीब और दलित समाज के बच्चों की जान को कितना सस्ता समझते हैं। अधिकारी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने के बजाय आंखें मूंदकर बैठे हैं। आज सड़क पर लगा यह स्कूल सरकार की लापरवाही और अहंकार को चुनौती है। अगर DEO ने तत्काल संज्ञान लेकर युद्धस्तर पर नए भवन का निर्माण शुरू नहीं करवाया, तो यह आंदोलन पूरे भोजपुर जिले में फैलाया जाएगा।”
आंदोलनकारियों ने कहा कि सड़क पर लगा यह स्कूल केवल श्रीनगर विद्यालय का सवाल नहीं, बल्कि बिहार के सरकारी स्कूलों की जर्जर व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा का सवाल है।
प्रशासन द्वारा दिए गए लिखित आश्वासन और निर्माण संबंधी आदेश के आधार पर अब उनकी मांग है कि घोषणा को जमीन पर उतारते हुए नए भवन का निर्माण तय समय-सीमा में पूरा कराया जाए।
अंत मे आंदोलनकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी के बीच लिखी आश्वाशन पर स्कूल की छूटी हुई।
आंदोलन में प्रमुख रूप से शामिल
आंदोलन का नेतृत्व AISA जिला सचिव जयशंकर प्रसाद, RYA जिला अध्यक्ष विशाल, RYA जिला सचिव निरंजन केशरी ने किया।
इस दौरान ऐपवा नेत्री संगीता सिंह, भाकपा-माले आरा विधानसभा प्रभारी विजय ओझा, राजद जिला परिषद सदस्य धनंजय यादव, AISA राज्य उपाध्यक्ष नीतू, RYA जिला सह-सचिव राजू राम, धनोज यादव, AISA जिला सह-सचिव साहिल अरोड़ा, रौशन कुशवाहा, सुमित, उपाध्यक्ष सागर पासवान, अनूप, विवेक, AISA सोशल मीडिया प्रभारी सनी देवल, RYA नेता अप्पू यादव, अखिलेश गुप्ता, रितेश, AISA नेत्री वर्षा, प्रज्ञा, संस्कृतमा तथा नेता गोविंद कुमार, सियाकांत सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

