
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)08 सितंबर।बस स्टैंड-शिवगंज रोड,श्रीटोला पुल,बहिरो लख पुल ओवरब्रिज पर लाइट ठीक करने एवं यात्री सुविधाओं की मांग को लेकर सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में भाकपा-माले ने बस स्टैंड में लगभग तीन सड़क जाम किया गया!,इस दौरान लोगों ने जमकर नारेबाजी की!सड़क जाम को संबोधित करते हुए सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि आरा नगर की जनता लंबे समय से बुनियादी नागरिक सुविधाओं के अभाव में परेशान है,लेकिन बार-बार आवेदन,प्रतिनिधिमंडल और आंदोलन के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की गई!
आंदोलन के दौरान प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से वार्ता हुई!जिला पदाधिकारी के निर्देश पर आरा नगर से जुड़े अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता की!अधिकारियों ने मांगों पर सात दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया,जिसके बाद चक्का जाम समाप्त किया गया।
आंदोलनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए,तो इसके लिए जिलाधिकारी और नगर के संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे तथा आंदोलन को आगे और तेज किया जाएगा।
बार-बार आवेदन,फिर भी नहीं हुआ समाधान
भाकपा-माले नेताओं ने कहा कि शिवगंज मोड़ से अस्पताल रोड का निर्माण,श्रीटोला नहर में पुल तथा बस पड़ाव में यात्री सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर नगर आयुक्त समेत जिले के कई अधिकारियों को कई बार आवेदन दिया जा चुका है!प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से भी समस्याओं को लगातार उठाया गया।
नगर विकास मंत्री को भी आवेदन दिया गया।वहीं, आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने दिशा की बैठक में भी इन सवालों को उठाया, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर अपेक्षित काम नहीं हुआ। नेताओं का आरोप है कि जनता को लंबे समय से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है और बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
आंदोलन के दौरान आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने बाढ़ पीड़ितों के लिए समुचित राहत और व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की!उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच एक्सपायरी दवाइयां वितरित किए जाने के आरोपों को गंभीर बताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई!
सांसद ने कहा कि आपदा के समय प्रभावित लोगों को बेहतर राहत और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है!किसी भी स्तर पर लापरवाही होने पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए!
‘डबल इंजन’ सरकार के विकास के दावों पर सवाल
भाकपा-माले ने बिहार सरकार और आरा नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए!सड़क जाम को सम्बोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली ‘डबल इंजन’ सरकार विकास और बेहतर व्यवस्था के बड़े-बड़े दावे करती है,लेकिन आरा नगर में सड़क, पुल, रोशनी और यात्री सुविधाओं जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए आम लोगों को आंदोलन और चक्का जाम का सहारा लेना पड़ रहा है!
भाकपा-माले ने सवाल उठाया कि जब वर्षों से लंबित नागरिक समस्याओं को लेकर जनता बार-बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का दरवाजा खटखटा रही है,तो आखिर इन समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी किसकी है और जनता के सवालों का जवाब कौन देगा?
भाकपा-माले की प्रमुख मांगें
1.शिवगंज मोड़-अस्पताल रोड का अविलंब निर्माण शुरू किया जाए!
2.श्री टोला नहर पर पुल का निर्माण कराया जाए!
3.बस पड़ाव में यात्रियों के लिए समुचित बुनियादी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं।
4.पूर्वी ओवरब्रिज पर तत्काल पर्याप्त लाइटों की व्यवस्था की जाए।
5.बाढ़ पीड़ितों के लिए समुचित राहत एवं स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं!
6.एक्सपायरी दवाइयों के वितरण के मामले में जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए!
सड़क जाम में भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी सदस्य व जिला सचिव अभ्युदय,राज्य कमेटी सदस्य व अगियांव के पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन,नगर सचिव सुधीर सिंह,राज्य कमेटी सदस्य क्यामुद्दीन अंसारी,राज्य स्थाई समिति सदस्य संगीता सिंह,
जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम,जिला स्थाई समिति सदस्य चंदन कुमार,आइसा जिला सचिव जयशंकर प्रसाद,आइसा जिलाध्यक्ष विकास कुमार,रौशन कुशवाहा,शोभा मंडल,कलावती देवी,अमित कुमार बंटी,संतविलास राम,राजेन्द्र यादव,साहिल अरोरा,राजू प्रसाद,सुमित कुमार,बब्लू गुप्ता,देवानंद पासवान,रितेश कुमार,राजा श्रीवास्त,धनंजय सिंह,हरिनाथ राम,सरोज कुमार,दीपांकर कुमार,सुरेन्द्र पासवान आदि कई लोग शामिल थे!
यह जानकारी भाकपा-माले जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पत्रकारों को दी!
