
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 जुलाई।राष्ट्रीय भोजपुरी संस्थान के बैनर तले रविवार को लोकनायक एवं भोजपुरी के अमर लोकनाट्य सम्राट स्वर्गीय भिखारी ठाकुर की पुण्यतिथि पखवारा का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कुमार शीलभद्र, डॉ. ममता मिश्रा, साहित्यकार कुमार अजय, सुरेश भोजपुरी, कृष्ण यादव कृष्णेन्दु, शिवदास सिंह, शैलेश सेठी तथा अमरदीप कुमार जय ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. कुमार शीलभद्र ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने अपने नाटक, गायकी, नृत्य और लेखनी के माध्यम से समाज में व्याप्त कुरीतियों, अंधविश्वास और सामाजिक विषमताओं पर प्रहार किया। अद्वितीय रचनाएं भोजपुरी भाषा भाषी के रग-रग में।उन्होंने समाज का विरोध सहते हुए भी आजीवन समाज सुधार का कार्य किया तथा भोजपुरी भाषा और संस्कृति को नई पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि भिखारी ठाकुर ने अपनी अधिकांश रचनाएँ भोजपुरी भाषा में लिखकर लोकभाषा को सम्मान दिलाने का कार्य किया।कृष्ण यादव कृष्णेन्दु ने कहा कि भिखारी ठाकुर का साहित्य और लोककला में योगदान अतुलनीय है। भिखारी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की।साहित्यकार कुमार अजय ने कहा कि भिखारी ठाकुर का जन्म भोजपुर की पावन धरती पर हुआ था। उन्होंने उनके जीवन और कृतित्व का उल्लेख करते हुए भोजपुरी गीत “कुतुबपुर दियारा इकौना से नियरे बा…” प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम में जन्मेजय ओझा, लोकनाथ सिंह, हरखेन कुमार सिंह, कविराज कवि, रमेश सिंह रामप्रपन्न, जितेंद्र कुमार सिंह, आर.के. शर्मा, संजीत कुमार, अजय गुप्ता ‘अज्ञानी’, अभिषेक सेठी सहित अनेक साहित्यकार, कलाकार एवं भोजपुरी प्रेमी उपस्थित रहे। अंत में सुरेश भोजपुरी ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
