मतदाता पुनरीक्षण कार्य में अनियमितता पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, नए बीएलओ की हुई नियुक्ति।
RKTV NEWS/गढ़वा(झारखंड)11 जुलाई।मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) के दौरान निर्वाचन कार्य में लापरवाही एवं पैसा मांगने के आरोप की पुष्टि होने के बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई करते हुए मतदान केन्द्र संख्या-383 की बीएलओ-सह-आंगनबाड़ी सेविका जबीला खातून को चयनमुक्त करने का निर्देश जारी किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मतदान केन्द्र संख्या-383 पर गणना प्रपत्रों के संग्रहण, वितरण एवं डिजिटाइजेशन से संबंधित कार्य के दौरान पैसा मांगने संबंधी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी, रंका से कराई गई।
जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित बीएलओ द्वारा मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (SIR-2026) से जुड़े कार्यों के निष्पादन के दौरान पैसा मांगने की शिकायत सही पाई गई। जांच के क्रम में वायरल वीडियो की भी पुष्टि हुई।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, 80 गढ़वा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-सह-अनुमंडल पदाधिकारी कुमार मयंक भूषण द्वारा संबंधित बीएलओ के विरुद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गई। उक्त अनुशंसा एवं जांच प्रतिवेदन के आलोक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा द्वारा उप विकास आयुक्त प्रेमलता मुर्मू को निर्देश दिया गया है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने के कारण जबीला खातून, आंगनबाड़ी सेविका, आंगनबाड़ी केन्द्र, गोरेयाबांध, खपरो को चयनमुक्त करना सुनिश्चित करें।
साथ ही, निर्वाचन कार्य के सुचारु संचालन एवं मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को निर्बाध रूप से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से श्री कन्हाई प्रसाद, सहायक अध्यापक, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, खपरो, प्रखंड-रंका को मतदान केन्द्र संख्या-383 का नया बीएलओ नियुक्त किया गया है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता बनाए रखने में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही अथवा भ्रष्टाचार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्वाचन कार्य में संलिप्त सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों से निर्धारित मानकों एवं आचार-संहिता का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की गई है।

