बुरूडीह डैम में केज कल्चर से मत्स्य पालन शुरू करने, मछली पालन हेतु जिले में 10 मॉडल तालाब विकसित करने, दुग्ध संग्रहण बढ़ाने तथा किसानों को समय पर केसीसी उपलब्ध कराने के दिए निर्देश।
RKTV NEWS/जमशेदपुर ( पूर्वी सिंहभूम)03 जून।समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में सहकारिता, मत्स्य, पशुपालन, उद्यान, भूमि संरक्षण, जेएसएलपीएस तथा अन्य संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने लेंपसों में 31 मार्च तक की गई धान अधिप्राप्ति तथा उसके ऑनलाइन अपलोड की स्थिति की जानकारी ली तथा जिन लेंपसों में धान का ऑनलाइन इंट्री नहीं हो सका है, उसके संबंध में विभाग से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। साथ ही लेंपसों में बचे लगभग 35 हजार क्विंटल धान का उठाव 15 जून तक मीलरों के माध्यम से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में बहरागोड़ा क्षेत्र से प्रतिदिन लगभग 5000 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। उपायुक्त ने दुग्ध संग्रहण एवं विपणन व्यवस्था का विस्तार कर अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादकों को इससे जोड़ने का निर्देश दिए। साथ ही नई सहकारी समितियों के निबंधन एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने गत वर्ष वितरित मत्स्य स्पॉन, उससे हुए उत्पादन तथा वर्तमान वर्ष की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने बुरूडीह डैम में केज कल्चर के माध्यम से मत्स्य पालन प्रारंभ करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त ने जिले में मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु कम से कम 10 मॉडल तालाब विकसित करने पर बल दिया।
भूमि संरक्षण विभाग की समीक्षा में डीप बोरिंग, मिनी ट्रैक्टर एवं पंपसेट योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन कर विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभुक योजनाओं का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं।
उद्यान विभाग की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने माली प्रशिक्षण कार्यक्रम से अधिकाधिक लाभुकों को जोड़ने, जिले के संभावित क्षेत्रों में नर्सरी विकसित करने तथा प्रशिक्षण प्राप्त लाभुकों की वर्तमान गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मधुमक्खी पालन, स्ट्रॉबेरी खेती एवं अन्य औद्यानिकी गतिविधियों को जिले में बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
आगामी खरीफ मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने एलडीएम को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) आवेदनों की स्वीकृति में तेजी लाने तथा स्वीकृत आवेदनों का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध हो सके।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत बकरा, सुकर, कुक्कुट एवं अन्य पशुधन का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि हो सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, एलडीएम तथा अन्य संबंधित उपस्थित थे।

