जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत अब 20 कोच के साथ संचालित होगी।
साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस का जैसलमेर तक विस्तार।
RKTV NEWS/जयपुर(राजस्थान )22 मई। केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव एवं केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने शुक्रवार को उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल अंतर्गत जोधपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान को विभिन्न रेल सेवाओं एवं आधारभूत परियोजनाओं की महत्वपूर्ण सौगातें प्रदान कीं। केंद्रीय मंत्रियों ने गाड़ी संख्या 04871, जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस उद्घाटन स्पेशल रेलसेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस की डिब्बा संरचना को 8 कोच से बढ़ाकर 20 कोच किए जाने की घोषणा की। साथ ही साबरमती-जोधपुर एक्सप्रेस रेलसेवा का विस्तार जैसलमेर तक किए जाने एवं कोच केयर कॉम्प्लेक्स, जैसलमेर के शुभारम्भ का लोकार्पण भी किया गया।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नियमित गाड़ी संख्या 26481/26482, जोधपुर-दिल्ली कैंट-जोधपुर वंदे भारत सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 24 मई 2026 से 2 एक्जीक्यूटिव चेयरकार, 16 वातानुकूलित चेयरकार तथा 2 ड्राइवर पावर कार सहित कुल 20 कोच संचालित किए जाएंगे। इससे यात्रियों को अधिक सीट उपलब्ध होंगी तथा यात्रा सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे विश्वस्तरीय सुविधाओं की दिशा में तीव्र गति से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि रेलवे केवल परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि देश की जीवनरेखा है तथा पिछले वर्षों में रेलवे क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान एवं विशेषकर मारवाड़ क्षेत्र को केंद्रीय रेल मंत्री द्वारा अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति प्राप्त हुई है। उन्होंने ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान का उल्लेख करते हुए आमजन से सहयोग की अपील भी की।
रेल अवसंरचना विस्तार से पश्चिमी राजस्थान को नई गति
जैसलमेर में 67 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का शुभारम्भ, पर्यटन एवं कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिमी राजस्थान के प्रवासियों की लंबे समय से अतिरिक्त रेल सेवाओं की मांग रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए चेन्नई, पुणे, हैदराबाद एवं मुंबई सहित विभिन्न महानगरों के लिए नई रेल सेवाएं प्रारम्भ की गई हैं। उन्होंने बताया कि जोधपुर में विकसित किया जा रहा कोचिंग टर्मिनल रेलवे विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगा तथा भविष्य में देशभर से नई रेल सेवाओं के संचालन में सहायक बनेगा। भगत की कोठी में वंदे भारत स्लीपर टर्मिनल भी विकसित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आगामी 10 माह में जोधपुर से हरिद्वार के लिए नई रेल सेवा प्रारम्भ करने की तैयारी चल रही है। राजस्थान में रेलवे विकास हेतु वर्तमान में लगभग 10,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट प्रदान किया जा रहा है, जबकि पूर्व में यह राशि मात्र 700 से 800 करोड़ रुपये थी।
केंद्रीय रेल मंत्री ने जानकारी दी कि राजस्थान में धांगरा-बांदीकुई, अजमेर-चित्तौड़गढ़, लूनी-भिलड़ी, रेवाड़ी-खाटूवास तथा सवाई माधोपुर-जयपुर रेलखंडों पर डबलिंग कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त मारवाड़ जंक्शन-मावली गेज कन्वर्जन, सुरंग निर्माण एवं नई रेल लाइनों के कार्य भी तीव्र गति से संचालित किए जा रहे हैं। पुष्कर एवं अंबाजी को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने हेतु नई रेल लाइन परियोजनाओं पर भी कार्य जारी है।
कार्यक्रम के दौरान जैसलमेर में 67 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कोच केयर कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया गया। इस परियोजना से ट्रेनों की मेंटेनेंस क्षमता में वृद्धि होगी, अधिक रेल सेवाओं का संचालन संभव हो सकेगा तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी।
केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि स्वर्ण नगरी जैसलमेर पर्यटन एवं सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोनार किला, पटवों की हवेली, बड़ा बाग एवं थार मरुस्थल देश-विदेश के पर्यटकों के प्रमुख आकर्षण केंद्र हैं। नई रेल सुविधाओं से जैसलमेर की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी तथा पर्यटन एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही चिकित्सा एवं शिक्षा के लिए जोधपुर एवं अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि राजस्थान की संस्कृति, विरासत एवं शौर्य की झलक अब रेलवे स्टेशनों पर भी दिखाई दे रही है। जैसलमेर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि जयपुर स्टेशन को पिंक सिटी थीम पर विकसित किया जा रहा है। पाली स्टेशन का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशन अब पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि राजस्थान में 25 गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें से 12 पूर्ण हो चुके हैं। इन परियोजनाओं से व्यापार, पर्यटन एवं यात्री सुविधाओं को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।
साथ ही गाड़ी संख्या 20486, साबरमती-जैसलमेर प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस रेलसेवा को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह रेलसेवा 23 मई 2026 से साबरमती से प्रातः 7 बजे रवाना होकर दोपहर 2:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी तथा 2:50 बजे प्रस्थान कर रात्रि 8:30 बजे जैसलमेर पहुंचेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 20485, जैसलमेर-साबरमती प्रतिदिन सुपरफास्ट एक्सप्रेस 23 मई 2026 से जैसलमेर से प्रातः 6:30 बजे रवाना होकर 11:40 बजे जोधपुर पहुंचेगी तथा 11:50 बजे प्रस्थान कर रात्रि 8 बजे साबरमती पहुंचेगी।
कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय रेल मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान परियोजनाओं के पूर्ण होने के पश्चात राजस्थान को 200 से अधिक नई रेल सेवाओं का लाभ मिलेगा तथा राज्य रेलवे विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, बिलाड़ा विधायक अर्जुन राम गर्ग, फलौदी विधायक पब्बाराम राम बिश्नोई, शहर विधायक अतुल भंसाली, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी सहित उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ, मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

