RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

विरह व्यथा !

विरह व्यथा !

सिन्दूर के दिन सात बीते बस, पिया अभी नहीं जाने दूँगी;
चुपके से तुम चले गये कब, सखी के रंग देख मैं जली रहूँगी।
अब तो ऐसे ही रह लूँगी,
जोर जवानी को बस दावे ही रह लूँगी;
कोयल की हर कूक को मैं,
बस विष समझ पी लूँगी।
झिनी-झिनी धानी चुनरीया, फेंक-फाक रख दूँगी;
नयन नीर से काजल को,
मैं धोकर ही दम लूँगी।
चंचल चितवन इन नैनों को,
मैं पलकों से ढ़क दूँगी;
फूलों के गजरा को खोल,
मैं राहों में रख दूँगी।
इन काले-काले केशों को,
मैं बिखराकर के ही दम लूँगी;
झूमका जो झूमे कानों में,
साँप समझ सह लूँगी।
कंगना की खनकों को,
कानों को, बन्द किये सह लूँगी;
मैं अधरों की लाली को,
बीच धूप सुखा रख दूँगी।
इन उभरे गोरे गालों को, मैं पिचकाकर रख दूँगी;
तथा गले की स्पर्शी हार को,
कर बंद तिजोरी में रख दूँगी।
और कंचुकी उरजों का,
खोल कहीं रख दूँगी;
आम टिकोंरा दो दो जो है,
झुलसा कर रख दूँगी।
तथा उदर के खुले भागों को,
आँचल से ढ़क दूँगी;
जोर बन्ध को ढीला क्या,
मैं आज कसे रख दूँगी।
और लचकती हुई कमर पर,
हाथों को रख दूँगी;
खुले हुए एक उस दरवाजे पर,
लाल पुलीस रख दूँगी।
रचनाकार:डॉ कृष्ण दयाल सिंह

(उक्त कविता ख्यातिप्राप्त लेखक,कवि,व्यंग्यकार,समीक्षक, अनुवादक “डॉ कृष्ण दयाल सिंह”जो एक अवकाश प्राप्त डाक सेवा अधिकारी भी है, उनके साहित्य काल के शुरूआती दौर में 09 फरवरी 1998 को प्रकाशित की गई कविता संग्रह पुस्तक “यत्र-तत्र”से ली गई है और यह कवि की उक्त संग्रह की उनतीसवी रचना है। RKTV NEWS नित्य इनके संग्रहित पुस्तक से क्रमवार एक एक रचना प्रकाशित करेगी। इनकी कई रचनाएं विभिन्न पत्र पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में प्रकाशित होती रहती है साथ ही इनके दर्जनों पुस्तक भी प्रकाशित हो चुके है, वर्तमान में बिहार राज्य के भोजपुर जिला अंतर्गत आरा के वशिष्ठपुरी में निवास करते है। सुझाव और संपर्क हेतु: 9570805395)

Related posts

उत्तराखंड: किसानों की आर्थिकी को और तेजी से बढ़ाने की दिशा मे करें प्रभावी प्रयास : मुख्यमंत्री

rktvnews

राजस्थान:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निधन पर व्यक्त की शोक संवेदना।

rktvnews

उत्तराखंड: राजभवन में आयोजित भारतीय मानक ब्यूरो के 78वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम में राज्यपाल ने की शिरकत।

rktvnews

राजस्थान आवासन मण्डल की अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई—42 बीघा 10 बिस्वा बेशकीमती भूमि अतिक्रमण मुक्त।

rktvnews

बागपत:वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण, अधिकारियों ने किया वंदे मातरम् का सामूहिक वाचन और स्वदेशी अपनाने का लिया संकल्प

rktvnews

भोजपुर:कार्यकर्ता सम्मेलन को सफल बनाने को ले जदयू महानगर की बैठक संपन्न।

rktvnews

Leave a Comment