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पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने नीली अर्थव्यवस्था निवेश पर विचार-मंथन कार्यशाला का आयोजन किया।

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन नई दिल्ली में सरकार, निजी क्षेत्र, शिक्षा जगत और वित्तीय संस्थानों के विभिन्न हितधारकों के प्रतिभागियों के साथ नीली अर्थव्यवस्था निवेश पर राष्ट्रीय स्तर की विचार-मंथन कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए

RKTV NEWS/ नई दिल्ली 25 जुलाई।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) ने शुक्रवार, 25 जुलाई, 2025 को पृथ्वी भवन, लोधी रोड, नई दिल्ली में अपने रणनीतिक ज्ञान साझेदार के साथ मिलकर नीली अर्थव्यवस्था में निवेश पर एक राष्ट्रीय स्तर की विचार-मंथन कार्यशाला का आयोजन किया। पृथ्वी विज्ञान सचिव डॉ. एम. रविचंद्रन ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की और इसमें सरकार, निजी क्षेत्र, शिक्षा जगत और वित्तीय संस्थानों के हितधारकों ने भागीदारी की। कार्यशाला का उद्देश्य तीन विषयगत क्षेत्रों, अर्थात् व्यापार और निवेश, स्टार्टअप और नवाचार, और व्यवसाय करने में सुगमता, की बेहतर समझ को प्रोत्साहन देना था।
प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों ने विभिन्न हितधारकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया और बहुआयामी समाधान तैयार करने के लिए सहयोग किया। इसके साथ ही निवेश योग्य, बैंक योग्य व्यावसायिक अवसरों की पहचान कर उनका खाका बनाया, जिससे नीली अर्थव्यवस्था से दीर्घकालिक महत्व प्राप्त करने की क्षमता मिली। प्रतिभागियों ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), निर्यात, रोज़गार आदि के क्षेत्रों में आर्थिक विकास के लिए नीली अर्थव्यवस्था का लाभ उठाने के अपने अंतर्राष्ट्रीय अनुभव भी साझा किए।
इन विचार-विमर्शों से नीली अर्थव्यवस्था को भारत के व्यापार सुधार एजेंडे के साथ संरेखित करने, प्राथमिकता वाले निवेश क्षेत्रों और स्केलेबल परियोजनाओं तथा वित्तीय जोखिम-मुक्ति साधनों की पहचान करने के लिए परिणाम-उन्मुख अनुशंसा सामने आईं।
डॉ. एम. रविचंद्रन ने “अवसरों का सागर: नीली अर्थव्यवस्था में व्यापार, निवेश और स्टार्ट-अप” शीर्षक से एक श्वेत पत्र जारी करते हुए, भारत की नीली अर्थव्यवस्था को विकास के गुणक के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर चर्चा की। इस उद्देश्य से, उन्होंने इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए पूंजी तक पहुँच बढ़ाने, नवोन्मेषी वित्तपोषण और सक्षम विनियमन के लिए समर्पित प्रयासों का आह्वान किया। इन उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए, रिपोर्ट निवेशक-तैयार परियोजनाएँ बनाने, राज्य-स्तरीय तैयारी में सुधार करने और नई तकनीकों, इनक्यूबेशन पारिस्थितिकी प्रणालियों और समुद्री स्थिरता समाधानों को प्रोत्साहन देते हुए संयुक्त वित्त की खोज करने की आवश्यकता पर बल देती है।
इस आयोजन में विचार-विमर्श के परिणामों से राष्ट्रीय नीली अर्थव्यवस्था निवेश रणनीति को प्रेरित करने तथा नीली अर्थव्यवस्था कार्यान्वयन के लिए भविष्य की रूपरेखा तैयार करने की आशा है।

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