RK TV News
खबरें
Breaking News

भारतीय मानक ब्यूरो ने स्थायित्व और पर्यावरण संबंधी मानकों पर वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया।

RKTV NEWS/नई दिल्ली 03 अप्रैल।भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने गोवा में पर्यावरण और पारिस्थितिकी पर केंद्रित भागीदार संस्थानों के डीन और विभागाध्यक्षों (एचओडी) के लिए अपना वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया। दो दिवसीय सम्मेलन के दौरान 32 भागीदार संस्थानों के 45 प्रतिनिधियों ने वरिष्ठ बीआईएस अधिकारियों के साथ “मानकों के माध्यम से स्थायित्व” विषय पर गहन चर्चा की।
अपने स्वागत भाषण में उप महानिदेशक (दक्षिणी क्षेत्र) प्रवीण खन्ना ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित करने में शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में बताया।
उप महानिदेशक (मानकीकरण-II) संजय पंत ने स्थायित्व से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मानकीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री संजय पंत ने कहा, “मानकीकरण स्थायित्व की नींव है। शिक्षाविदों के साथ सहयोग करके, हम अनुसंधान संचालित मानक विकसित कर सकते हैं, जो पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान करते हैं और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक स्थायी प्रभाव पैदा करते हैं।”
उन्होंने नव स्थापित पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी विभाग (ईईडी) की शुरुआत की, जिसमें बीआईएस की विभिन्न मानकीकरण गतिविधियों को एक समर्पित प्रभाग से जोड़ दिया गया। अपनी स्थापना के बाद से, ईईडी ने अपनी नौ विशेष समितियों के माध्यम से लगभग 100 मानक जारी किए हैं।
सम्मेलन में पर्यावरण और पारिस्थितिकी प्रभाग परिषद (ईईडीसी) के भीतर चल रही पहलों पर व्यापक तकनीकी सत्र शामिल थे, जहां 8 विशेषज्ञ पैनल महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मानकीकरण में लगे हुए हैं, जिनमें वायु गुणवत्ता प्रबंधन, जल गुणवत्ता प्रबंधन, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण निगरानी, स्थायी आवास, टिकाऊ कृषि, सर्कुलर अर्थव्यवस्था और जैव विविधता और इको-सिस्टम शामिल हैं।
प्रमुख वक्ताओं में डॉ. आलोक सिन्हा (आईआईटी धनबाद), डॉ. अंजू सिंह (आईआईएम मुंबई) और शबनम बस्सी (गृह परिषद) शामिल थे, जिन्होंने जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) जैसी राष्ट्रीय जलवायु पहलों को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा मानकों में अंतराल को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बीआईएस केयर ऐप पर ‘अपने मानक जानें’ सुविधा का उपयोग करते हुए, प्रतिभागियों ने मौजूदा मानकों का मूल्यांकन किया और विकास के लिए नए क्षेत्रों की पहचान की। अपशिष्ट प्रबंधन और रीसाइकलिंग, जल गुणवत्ता और प्रबंधन, टिकाऊ निर्माण और सामग्री, पर्यावरण निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण, हरित ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन शमन, स्वास्थ्य और सुरक्षा मानक और परिसर और औद्योगिक स्थायित्व चर्चाओं में शामिल मुख्य विषय थे।
दूसरे दिन, प्रतिनिधियों ने बीआईएस के डिजिटल समाधानों का लाइव प्रदर्शन देखा, जिसमें अकादमिक डैशबोर्ड शामिल था, जो भागीदार संस्थानों को मानकों तक पहुंचने, अनुसंधान परियोजनाएं प्रस्तुत करने और तकनीकी समितियों में योगदान करने में सक्षम बनाने वाला एक मंच है। बीआईएस ने मसौदा मानकों को डाउनलोड करने और उन पर टिप्पणी करने के लिए उपकरण भी प्रस्तुत किए, जिससे अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण प्रयासों में भागीदारी को बढ़ावा मिला।
रितेश बरनवाल (निदेशक, वित्त, बीआईएस) के नेतृत्व में एक विशेष सत्र में स्थायित्व और सतत वित्त में मानकों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शाया कि कैसे वित्तीय ढांचे मानकीकरण के माध्यम से स्थायित्व संबंधी पहलों को आधार प्रदान कर सकते हैं।
बीआईएस वार्षिक सम्मेलन ने संगठन की प्रतिबद्धता को मजबूत किया कि वह अकादमिक जगत के साथ मिलकर ऐसे मानक तैयार करे, जो महत्वपूर्ण पर्यावरणीय और पारिस्थितिकी से जुड़े मुद्दों का समाधान करें। बीआईएस का लक्ष्य एक सशक्त, अनुसंधान संचालित मानक स्थापित करना है, जो विशेषज्ञों, अनुसंधानकर्ताओं और नीति निर्माताओं के बीच साझेदारी को बढ़ावा देकर अधिक टिकाऊ भविष्य में योगदान करते हैं।

Related posts

भोजपुर:संदेश प्रखंड में जनसंवाद में सांसद सुदामा प्रसाद ने सुनीं जनता की समस्याएं।

rktvnews

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने किया अलवर जिले के जौनायचा कलां में अम्बेडकर भवन का शिलान्यास।

rktvnews

भोजपुर:पेड़ लगाइए-पर्यावरण बचाइए-आइए साथ साथ जीवन बचाइए :स्वामी विक्रमादित्य

rktvnews

बजरंग दल आरा कल करेगा सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ का आयोजन।

rktvnews

पटना:कथा-कहानी सहस्राब्दियों से मानव-मन को प्रेरणा देती आयी है : डॉ अनिल सुलभ

rktvnews

भोजपुर:एमएम महिला कॉलेज, आरा में लंबित मांगों के समर्थन में किया प्रतिरोध प्रदर्शन।

rktvnews

Leave a Comment