RKTV NEWS/आरा (भोजपुर) 05 जून।राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संचालित व बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति के नेतृत्त्व मे जिला स्वास्थ्य समिति भोजपुर के तत्वावधान में योग प्रशिक्षक विक्रमादित्य ने बड़हरा स्वास्थ्य केन्द्र के उप स्वास्थ्य केन्द्र सह हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर कर्जा,बखोरापुर,सरैयां
के तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वैजन्ति,ऐलोवेरा,हरजोड़,गिलोय, सदाबहार,पीपल,वटवृक्ष को सी.एच.ओ.सुनीता सैनी,सत्यरंजन कुमार सिंह व प्रियंका कुमारी के सहयोग से लगाया गया।
सी.एच.ओ.सुनिता सैनी ने मौके पर कहा कि भयावह उदाहरण आपके सामने हैं, अभी भी समय है आने वाली पीढ़ी के बारे में सोचकर बृहद मात्रा में वृक्षारोपण करें, कुछ महीनो में मानसून दस्तक देगा अनुरोध एवं अपील करती हूं हर घर से अगर एक-एक पौधा भी लगाया जाएगा तो करोड़ों पौधे लग जाएंगे क्योंकि पौधों को वृक्ष का रूप लेने में भी लगभग 5 वर्ष लग जाएंगे।भारत के विभिन्न शहरों में अधिकतम पारा 45 से 47 डिग्री तक पहुंच गया है, अगर आज से ही सचेत नहीं हुए तो जरा सोचिए यह जब 50 डिग्री पर होगा तो प्राणियों और जीव- जंतुओं का क्या हाल होगा, मानव होने की नैतिक जिम्मेदारियो का निर्वहन करते हुए, वृक्षारोपण को जीवन का हिस्सा मानकर , एसी, कूलर ,पंखा से बाहर निकल कर जगत कल्याण में अपनी सहभागिता दें।
योग प्रशिक्षक विक्रमादित्य ने कहा कि आइए, एक क्षण के लिए इस बात पर मनन करें कि हमारे कार्यों का हमारे आसपास के जीवन के नाज़ुक ताने-बाने पर कितना गहरा प्रभाव पड़ सकता है। यद्यपि जैव विविधता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए किए गए वैश्विक प्रयास सराहनीय हैं, परंतु व्यक्तिगत स्तर पर उठाए गए छोटे और व्यवहारिक कदम ही हमारे ग्रह को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने में बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आपके घर के आंगन में आज एक पौधा लगाएं,पानी बचाएं, बिजली बचाएं, और वो सब छोटी – छोटी चीजें करें जो आप पर्यावरण संरक्षण के लिए कर सकते हैं। अगर हम में से सभी हमारे हिस्से के छोटी – छोटी प्रयास करें, तो ग्रह को बचाने का यह अद्भुत सामूहिक प्रयास होगा। सार्थक व्यवहारिक कार्यों के द्वारा पृथ्वी में निवेश करके, भले ही छोटे कार्य ही हो, हम सामूहिक रूप से सकारात्मक परिवर्तन ला सकते है।
विश्व पर्यावरण दिवस में भाग लेने आए लोगो कोअंतरराष्ट्रीय योग दिवस की जानकारी दी तथा 21जून के लिए तैयार करते हुए योग प्रशिक्षक स्वामी विक्रमादित्य ने प्रर्थना,चालन क्रिया, खड़े हो कर किए जाने वाले आसन पादहस्तान,त्रिकोणासन, बैठकर किए जाने वाला आसन भद्रासन, वीरासन,वक्रासन उदर के बल शलभासन,भुजंगासन, मकरासन पीठ के बल सेतुबंधासन,अर्ध हलासन कपालभाती,अनुलोम-विलोम, शीतली,भ्रामरी प्रणायाम,प्रणव-ध्यानयोग,संकल्प, शांति पाठ का योग सत्र चलाकर प्रशिक्षण दिया।
